भारतीय रेल यात्रा के दौरान रेल नीर पानी की बोतल के दाम को लेकर एक विवाद (Rail Neer water pricing dispute) फिर से सुर्खियों में आ गया है, जिसमें एक वेंडर और यात्री के बीच तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। मामला IRCTC द्वारा निर्धारित तय दरों से अधिक मूल्य वसूलने से जुड़ा है और भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम ने संभावित कार्रवाई का संकेत दिया है।
क्या हुआ मामला?
एक वायरल वीडियो में एक यात्री और पैंट्री वेंडर के बीच बहस दिखाई दी, जिसमें पैसेंजर ने ₹14 वाली रेल नीर बोतल खरीदने का अनुरोध किया, जबकि वेंडर ने ₹20 की मांग की। वेंडर ने आरक्षित दर पर पानी देने से इनकार कर दिया, जिस पर यात्री ने असंतोष व्यक्त किया और मामला सोशल मीडिया पर फैल गया।
रेल नीर की बॉटल की कीमत GST कटौती के बाद ₹15 से घटाकर ₹14 कर दी गई है, लेकिन वेंडर इसे निर्धारित रेट पर उपलब्ध नहीं करा रहा था। इस कारण यात्रियों ने इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर सोशल प्लेटफॉर्म पर साझा की।
IRCTC की प्रतिक्रिया
IRCTC ने वायरल वीडियो के लिए जवाब दिया और आवश्यक कार्रवाई का संकेत दिया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन में चलाये जाने वाले खानपान उत्पादों पर निर्धारित रेट का पालन करना अनिवार्य है और किसी भी वेंडर द्वारा इसके उल्लंघन पर कड़ी जांच और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
रेलवे की कैटरिंग पॉलिसी के तहत, पैक्ड ड्रिंक (जैसे रेल नीर) निर्धारित मूल्य से अधिक नहीं बेचे जा सकते हैं — यह नियम IRCTC और Indian Railways दोनों के लिए बाध्यकारी है।
ओवरचार्जिंग और अन्य संबंधित घटनाएँ
- यात्रियों द्वारा टिकट प्लेटफॉर्म पर वेंडरों की ओवरचार्जिंग पर शिकायतें लगातार सामने आती रहती हैं। हाल ही में पुणे रेलवे स्टेशन पर एक पानी की स्टॉल को संदिग्ध तर्कों पर ₹20,000 का जुर्माना और सील किया गया।
- पूर्व में यात्रियों द्वारा दर्ज शिकायतों के आधार पर रेलवे ने जैसे ही कैटरिंग सेवा पर भारी जुर्माना लगाया और कॉन्ट्रैक्ट रद्द किया, तब भी मामला ओवरचार्जिंग से जुड़ा था।
यात्रियों के अधिकार और सुझाव
विशेषज्ञों तथा यात्रियों के सुझाव हैं कि:
- RailMadad ऐप या हेल्पलाइन 139 जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर ओवरचार्जिंग की शिकायत तुरंत दर्ज कराना चाहिए।
- सोशल मीडिया पर वायरल रिकॉर्डिंग के साथ IRCTC को टैग करना बेहतर कार्रवाई को सुनिश्चित कर सकता है।