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Breaking News: थाने और पालघर जिले में भारी बारिश के कारण उल्हास नदी में एक व्यक्ति के बहने की खबर से हड़कंप मच गया है। मिड डे की रिपोर्ट के अनुसार, मानसून की मूसलाधार बारिश ने इन क्षेत्रों में गंभीर बाढ़, जलभराव और पेड़ गिरने की घटनाओं को जन्म दिया है। अधिकारियों ने लोगों से घरों के अंदर रहने और नदियों के किनारे से दूर रहने की सलाह दी है।
घटना का विवरण
उल्हास नदी में उफान के कारण एक व्यक्ति लापता हो गया है, और बचाव अभियान जारी है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें अलर्ट पर हैं और मौके पर तैनात की गई हैं। 20 अगस्त 2025 को जारी डेटा के अनुसार, उल्हास नदी का जलस्तर 17.60 मीटर से अधिक हो गया था, जिसने क्षेत्र में निकासी और यातायात में व्यवधान पैदा किया था। यह घटना इस बात का संकेत है कि मानसून के दौरान यह क्षेत्र कितना संवेदनशील है।
मौसम और प्रभाव
मुंबई सहित आसपास के क्षेत्रों में औसत मानसून वर्षा 230 सेमी दर्ज की गई है, जिसमें उच्च परिवर्तनशीलता के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। 139 वर्षा गेजों के वास्तविक समय के डेटा (mumbairain.tropmet.res.in) के अनुसार, लगातार बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। थाने जिले में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे जलभराव और घरों में पानी घुसने की शिकायतें आई हैं।
बचाव और राहत कार्य
NDRF, जो पिछले बाढ़ों में 2039 से अधिक लोगों को बचा चुका है और 13,965 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुका है, इस आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। हेल्पलाइन नंबर (+91-9711077372) के माध्यम से लोग सहायता प्राप्त कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 2015 के बाद से NDRF की बचाव दक्षता में 30% की वृद्धि हुई है, जो इस अभियान में आशा की किरण है।
प्रशासन की अपील
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आपदा प्रबंधन अधिकारियों के संपर्क में हैं।
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