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नई दिल्ली, 5 फ़रवरी 2026: आज संसद के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। केंद्र सरकार की नीतियों और विकास कार्यों का बचाव करते हुए पीएम मोदी ने विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी पर वर्ष 2004-2014 के अपने शासनकाल में देश और किसानों की स्थिति बिगाड़ने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री मोदी का हमला
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि विपक्ष “थक कर चले गए” और उनका रवैया देशहित के बजाय राजनीति तक सीमित है। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल को याद करते हुए कहा कि उस दौरान देश के सामने कई चुनौतियाँ थीं और वैश्विक हिस्सेदारी कमजोर थी, जबकि उनकी सरकार ने इन मुद्दों का समाधान किया।
मोदी ने जोर देकर कहा कि आज भारत दुनिया भर के 27 देशों के साथ ट्रेड डील्स कर चुका है और यह विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है, जबकि पहले ऐसा कोई प्रयास उपलब्ध नहीं था।
किसानों की स्थिति पर टिप्पणी
अपने भाषण में पीएम मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस शासनकाल की कृषि-नीतियों की आलोचना भी की, यह बताते हुए कि कांग्रेस राज में किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कृषि क्षेत्र में सुधार किए और किसानों को अधिक अवसर उपलब्ध कराए।
हालाँकि, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसदों ने केंद्र सरकार पर कृषि समुदाय के खिलाफ नीतियाँ लागू करने का आरोप लगाया है, विशेष रूप से हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को “किसानों के हितों के खिलाफ” बताया।
राज्यसभा में हंगामा और वॉकआउट
पीएम मोदी के संबोधन के दौरान विपक्ष के सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और बाद में सदन से वॉकआउट कर गए, जिससे कार्यवाही बाधित हुई। विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार संसद में उनकी आवाज़ दबा रही है और विशुद्ध राजनीतिक बयानबाज़ी कर रही है।
राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि
- विपक्ष ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा और कृषि से जुड़े मुद्दों पर प्रतिपक्ष को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया।
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कहा कि सरकार किसानों के खून-पसीने को “बिक चुकी” कर रही है।