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तेहरान में भीषण धमाके: अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों से मध्य पूर्व में बढ़ा युद्ध का खतरा

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तेहरान/वॉशिंगटन/तेल अवीव, 28 फरवरी 2026:
मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। संयुक्त सैन्य कार्रवाई के तहत United States of America और Israel ने Iran के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। राजधानी तेहरान समेत इस्फहान और शिराज़ जैसे प्रमुख शहरों में देर रात कई धमाकों की आवाज़ सुनी गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।

किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?

सूत्रों के अनुसार, हमले मुख्य रूप से ईरान के कथित मिसाइल भंडार, ड्रोन निर्माण इकाइयों और सैन्य कमांड सेंटरों पर केंद्रित थे। इजरायली वायुसेना ने “सटीक और सीमित कार्रवाई” का दावा किया है, जबकि अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि यह कदम “क्षेत्रीय सुरक्षा और अपने सहयोगियों की रक्षा” के लिए उठाया गया।

ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान की सरकार ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे “सीधी आक्रामकता” बताया है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि हमले जारी रहे तो वह “कड़े और निर्णायक जवाब” देगा। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को मार गिराया।

क्षेत्रीय और वैश्विक असर

  • खाड़ी देशों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
  • अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट बदले गए हैं।
  • कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।
  • संयुक्त राष्ट्र में आपात बैठक बुलाए जाने की संभावना है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव यदि लंबा खिंचता है, तो पूरे मध्य पूर्व में बड़े युद्ध का खतरा बढ़ सकता है। रूस और चीन ने संयम बरतने की अपील की है, जबकि यूरोपीय संघ ने तत्काल संघर्षविराम की मांग की है।

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