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चंडीगढ़ | 16 मार्च 2026
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की। BJP के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध विजयी घोषित हुए हैं, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव का पूरा समीकरण
हरियाणा विधानसभा की कुल 90 सीटों के आधार पर यह चुनाव काफी दिलचस्प रहा। जीत के लिए एक उम्मीदवार को कम से कम 31 वोटों की आवश्यकता होती है।
- BJP के पास 48 विधायक और कुछ निर्दलीयों का समर्थन था
- कांग्रेस के पास 37 विधायक थे
- INLD और अन्य निर्दलीय भी समीकरण में शामिल रहे
इस कारण से पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि दोनों प्रमुख दल एक-एक सीट जीत सकते हैं।
त्रिकोणीय मुकाबले ने बढ़ाई टेंशन
इस चुनाव को खास बनाने वाली बात थी निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल की एंट्री, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया।
- क्रॉस वोटिंग का खतरा बना रहा
- कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई
- BJP ने भी अपने विधायकों को प्रशिक्षण और रणनीतिक दिशा दी
चुनाव से पहले दोनों दलों में आरोप-प्रत्यारोप और खरीद-फरोख्त के आरोप भी लगे, जिससे राजनीतिक माहौल गरमाया रहा।
किसे क्या फायदा?
- BJP: संजय भाटिया की जीत से पार्टी की राज्यसभा में स्थिति मजबूत हुई
- कांग्रेस: करमवीर बौद्ध की जीत को संगठनात्मक एकता और रणनीति की सफलता माना जा रहा है
इस परिणाम ने साफ कर दिया कि हरियाणा में दोनों दलों का राजनीतिक संतुलन अभी भी बराबरी पर है।
राजनीतिक महत्व
यह चुनाव सिर्फ दो सीटों का नहीं था, बल्कि यह राज्य की राजनीति में शक्ति संतुलन का संकेत भी देता है।
- आगामी चुनावों के लिए यह परिणाम महत्वपूर्ण माना जा रहा है
- दोनों दलों ने अपनी पकड़ बनाए रखी
- निर्दलीय उम्मीदवार की हार से स्पष्ट हुआ कि बड़े दलों का प्रभाव अभी भी मजबूत है