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यह मामला काफी गंभीर है और सीधे तौर पर नागरिकों के शांति से जीने के अधिकार (Right to Peace) और Noise Pollution Rules के उल्लंघन से जुड़ा है। आपकी जानकारी के आधार पर, यहाँ एक और समाचार रिपोर्ट तैयार की गई है जो रात के समय हो रहे अवैध निर्माण और प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाती है:
मुंबई (कांदिवली): मुंबई में रात के समय निर्माण कार्यों पर पाबंदी के बावजूद, कांदिवली-मालाड वेस्ट के जनकल्याण नगर में ‘डोटम एमराल्ड’ (Dotom Emerald) प्रोजेक्ट द्वारा खुलेआम नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिल्डर को न तो कानून का डर है और न ही प्रशासन का।
आधी रात को भी नहीं रुकता शोर
निवासियों के अनुसार, डोटम ग्रुप का काम रात के 12 से 1 बजे तक लगातार चलता रहता है। भारी मशीनों और निर्माण कार्य के शोर से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों की नींद हराम हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है, “जब कानून बिल्डर की जेब में हो, तो उन्हें रात भर काम करने से कौन रोक सकता है?”
‘संसद वाणी’ ने की लिखित शिकायत
इस अवैध गतिविधि के खिलाफ ‘संसद वाणी’ की टीम ने कड़ा रुख अपनाया है। टीम ने मालवणी पुलिस स्टेशन और बीएमसी (BMC) पी-नॉर्थ वार्ड को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत के साथ जीपीएस (GPS) कैमरे से ली गई तस्वीरें भी प्रमाण के तौर पर साझा की गई हैं, जो रात 1 बजे हो रहे काम की पुष्टि करती हैं।
क्या झुक जाएगा प्रशासन?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मालवणी पुलिस और बीएमसी इस पर ठोस कार्रवाई करेगी? या फिर डोटम बिल्डर की रसूख और ताकत के आगे सरकारी तंत्र एक बार फिर घुटने टेक देगा?
क्या कहते हैं नियम?
सुप्रीम कोर्ट और बीएमसी के दिशानिर्देशों के अनुसार, रिहायशी इलाकों में रात 10 बजे के बाद निर्माण कार्य करना प्रतिबंधित है, जब तक कि कोई विशेष अनुमति न ली गई हो। डोटम एमराल्ड द्वारा इन नियमों का उल्लंघन सीधे तौर पर मानवाधिकारों का हनन है।
“हम साक्ष्यों के साथ लड़ रहे हैं। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि बिल्डर प्रशासन से ऊपर है।” — ‘संसद वाणी’ टीम।