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1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स नियमों में 10 बड़े बदलाव आ रहे हैं, जो सैलरी, घर, गाड़ी, गिफ्ट्स और अन्य पर्क्स पर सीधा असर डालेंगे। ये ड्राफ्ट नियम सैलरीड कर्मचारियों की टेक-होम पे को प्रभावित करेंगे।
नए टैक्स स्लैब
नए टैक्स रिजीम में स्लैब अपडेट हुए हैं। ₹4 लाख तक टैक्स शून्य, ₹4-8 लाख पर 5%, ₹8-12 लाख पर 10%, ₹12-16 लाख पर 15%, ₹16-20 लाख पर 20%, ₹20-24 लाख पर 25%, और इससे ऊपर 30%। ₹12 लाख तक की आय पर सेक्शन 87A के तहत ₹60,000 तक की रिबेट मिलेगी।
गिफ्ट्स पर छूट बढ़ी
एम्प्लॉयर द्वारा दिए जाने वाले गिफ्ट्स की सालाना टैक्स-फ्री लिमिट ₹5,000 से बढ़कर ₹15,000 हो गई। इससे कर्मचारियों को ज्यादा नॉन-कैश बेनिफिट्स मिल सकेंगे।
मील अलाउंस में राहत
ऑफिस में फ्री मील्स की छूट सीमा बढ़ाई गई। कैंटीन या वाउचर के जरिए मील्स अब ज्यादा टैक्स-फ्री होंगे।
गाड़ी पर्क्स के नए नियम
कंपनी कार के इस्तेमाल पर वैल्यूएशन बदली। 1.6 लीटर से कम इंजन वाली कार पर ₹5,000/महीना, इससे ऊपर ₹7,000/महीना। ड्राइवर मिले तो अतिरिक्त ₹3,000। लीज्ड कारों पर टैक्स फायदे कम हुए।
घर किराया भत्ता (HRA)
एम्प्लॉयर द्वारा दिया घर या HRA की वैल्यूएशन स्पष्ट। रेंटल वैल्यू पर नई कैलकुलेशन फॉर्मूला लागू।
लोन बेनिफिट्स पर टैक्स
एम्प्लॉयर लोन की इंटरेस्ट रेट डिफरेंस पर नई लिमिट्स। सस्ते लोन अब ज्यादा टैक्सेबल हो सकते हैं।
रिटायरमेंट फंड कंट्रीब्यूशन
एम्प्लॉयर PF या सुपरएन्यूएशन पर टैक्स नियम सख्त। एक्स्ट्रा कंट्रीब्यूशन पर टैक्स लगेगा।
मेडिकल और एजुकेशन बेनिफिट
मेडिकल रीइंबर्समेंट और बच्चों की पढ़ाई पर छूट सीमाएं अपडेट। ज्यादा राशि टैक्स-फ्री।
डिजिटल और अन्य पर्क्स
डिजिटल पेमेंट्स या मोबिलिटी अलाउंस पर नई लिमिट्स। फ्यूल रीइंबर्समेंट बढ़ा।
फॉर्म 16 में बदलाव
सैलरी स्लिप और फॉर्म 16 में पर्क्स वैल्यूएशन के कारण बड़े अपडेट। टैक्सपेयर्स को नई कैलकुलेशन करनी पड़ेगी।