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दिल्ली

LPG संकट: राज्यों को 10% अतिरिक्त कोटा, पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा सप्लाई सामान्य

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भारत में जारी एलपीजी (LPG) संकट के बीच केंद्र सरकार ने व्यापारिक उपयोग के लिए गैस की आपूर्ति बढ़ाने का बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कमर्शियल LPG की 10 प्रतिशत अतिरिक्त सप्लाई देने की पेशकश की है, ताकि होटल, रेस्तरां और छोटे उद्योगों को राहत मिल सके।


LPG संकट के बीच सरकार का नया फैसला

मध्य पूर्व में चल रहे राजनीतिक और सैन्य संकट के कारण पिछले कुछ महीनों से देश में LPG सिलेंडर की आपूर्ति दबाव में रही है। इस वजह से कई जगह ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली में देरी और डिस्ट्रीब्यूटरों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं।

इसी बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने 18 मार्च 2026 को एक आदेश जारी करते हुए कहा कि राज्य सरकारें अगर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG / CGD) को बढ़ावा देंगी और ग्राहकों को सिलेंडर से पाइप गैस में शिफ्ट करने में मदद करेंगी, तो उन्हें कमर्शियल LPG का 10% अतिरिक्त कोटा मिलेगा।


10% अतिरिक्त कोटा का मतलब क्या?

वर्तमान में तेल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) राज्यों को उनकी जरूरत का लगभग सिर्फ 20% कमर्शियल LPG सिलेंडर ही उपलब्ध करा रही थीं, जिससे बड़े और छोटे व्यापारिक संस्थानों को काफी परेशानी हो रही थी।

अब नया फैसला इस अंतर को कम करने की दिशा में है:

  • राज्यों को कमर्शियल LPG आवंटन में 10% ऊपरवालुम मिलेगा।
  • यह फायदा खासकर होटल, रेस्तरां, मिड‑साइज किचन, स्नैक और फूड‑प्रोसेसिंग यूनिट्स जैसे व्यवसायों को मिलेगा, जो ज्यादातर गैस पर ही निर्भर हैं।

सरकार का संकेत: LPG से PNG की ओर शिफ्ट

सरकार इस नई योजना के जरिए यह भी साफ कर रही है कि भविष्य में LPG की जगह PNG और CGD (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) पर ज्यादा भरोसा किया जाए। मंत्रालय की ओर से राज्यों को सुझाव दिए गए हैं कि वे नगर गैस वितरण नेटवर्क को विस्तार दें, बिजली और गैस जैसे दस्तावेजों को जोड़ने में आसानी लाएं, और नए निर्माण में गैस लाइन को ऑटो‑अप्रूवल सिस्टम से जोड़ें।

इन सुधारों को लागू करने वाले राज्यों को न केवल 10% अतिरिक्त कोटा मिलेगा, बल्कि आगे चलकर ऊर्जा नीतियों में भी विशेष सुविधाएं दी जा सकती हैं।


“सप्लाई सामान्य” पर सरकार का दावा

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मीडिया को बताया कि फिलहाल LPG की स्थिति अभी भी “चिंताजनक” नहीं बल्कि “सुधरते हुए स्तर” पर है और केंद्र‑स्तरीय नियंत्रण के बाद आपूर्ति प्रणाली में सुधार आया है।

सरकार का दावा है कि अब तमाम राज्यों को कमर्शियल LPG की लगभग निर्बाध सप्लाई दी जा रही है और नए अतिरिक्त कोटा के जरिए जमीनी स्तर पर भी लंबी लाइनों और देरी की समस्या को कम किया जा सकेगा।


व्यापारियों और आम लोगों पर असर

  • होटल‑रेस्तरां और स्नैक व्यवसाय को अब गैस कम पड़ने के कारण बंद या शिफ्ट घटाने की जरूरत शायद ही पड़े।
  • छोटे उद्यमी और फूड‑प्रोसेसिंग यूनिट्स ज्यादा भरोसे से अपना ऑपरेशन चला पाएंगे।
  • आम ग्राहकों के लिए भी इससे अप्रत्यक्ष रूप से फायदा है, क्योंकि व्यापार स्थायित्व से खाने‑पीने और सेवाओं की निरंतरता बनी रहेगी।

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