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ऑस्ट्रेलिया ने बढ़ती वैश्विक ईंधन कीमतों के बीच पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज टैक्स को 50% कम कर दिया है। यह राहत 30 जून 2026 तक लागू रहेगी, जिससे प्रति लीटर 26.3 सेंट की बचत होगी।
क्यों लिया गया यह कदम?
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने ईरान संकट और मिडिल ईस्ट तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 116 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने पर यह फैसला लिया। ऑस्ट्रेलिया के पांच बड़े शहरों में डीजल 10% और पेट्रोल 8% महंगा हो चुका था। सरकार ने इसे नियंत्रित करने के लिए नेशनल फ्यूल सिक्योरिटी प्लान भी शुरू किया है।
उपभोक्ताओं को कितनी राहत?
- हर लीटर पेट्रोल-डीजल पर 26.3 सेंट (लगभग 21 US सेंट) की कमी।
- भारी वाहनों के लिए रोड यूजर चार्ज भी अस्थायी रूप से खत्म।
- कुल खर्च सरकार पर 2.55 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पड़ेगा।
यह कदम ट्रक ड्राइवरों और आम मोटरिस्टों को वैश्विक संकट से निपटने में मदद करेगा।
वैश्विक ईंधन बाजार पर असर
ऑस्ट्रेलिया के इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सकारात्मक संकेत दिख रहे हैं, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रभाव सीमित रहेगा। मुनाफाखोरी रोकने के लिए जुर्माने और बाजार निगरानी बढ़ाई गई है। प्रधानमंत्री ने लोगों से संयम बरतने और जरूरत भर ईंधन खरीदने की अपील की।
आगे की राहत की उम्मीदें
30 जून तक यह योजना चलेगी, लेकिन वैश्विक तनाव कम होने पर स्थायी उपाय संभव। ऑस्ट्रेलिया ने राज्यों के साथ मिलकर ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित की है।