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वाराणसी/संसद वाणी : वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं का त्योहार है, जिसमें वह उपवास करती हैं और फिर वट वृक्ष की पूजा करके सदा सौभाग्यवती का आशीर्वाद मांगती हैं। इस व्रत को लेकर मान्यता है कि सावित्री ने अपने पति सत्यवान के जीवन के लिए यमराज की पूजा बरगद पेड़ के नीचे की थी।
6जून को अमृत काल में सुबह 5 बजकर 35 मिनट से सुबह 7 बजकर 16 मिनट तक पूजन करना शुभ रहेगा। इसके अलावा 8 बजकर 56 मिनट से 10 बजकर 37 मिनट तक पूजा के लिए अच्छा मुहूर्त है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक इस मुहूर्त में भी आप पूजा कर सकते हैं।
इस व्रत को करने से पति की लंबी आयु होती है और इस व्रत की विधि में सारे ताजे फल और माला फूल एवम नारा या धागा से बरगद के पेड़ को 11 बार या 21 या 108 बार फेरा लगाते है जैसी आपकी श्रद्धा हो|
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