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विश्वनाथ प्रताप सिंह
वाराणसी/संसद वाणी : हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय में “मैं जिंदा शहर बनारस हूँ” कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें दी इंडियन रियल हीरो अवार्ड का आयोजन किया गया तथा साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। यह कार्यक्रम बनारस की पुरातन सनातन संस्कृति, कला और भावनाओं को दर्शाता है। कलाकारों के माध्यम से कई रंगारंग कार्यक्रम जो खेल संस्कृति से भी संबंधित थे, प्रस्तुत किए गए। इस कार्यक्रम में देश और समाज के लिए काम करने वाले 21 समाजसेवियों को सम्मानित किया गया, जो अलग-अलग क्षेत्र में समाज सुधार के लिए कार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर डॉक्टर कमलेश कुमार पांडेय, निशक्तजन पूर्व आयुक्त, डॉक्टर उत्तम ओझा, केशव जालान, सोनभद्र जेल के अधीक्षक, सौरभ श्रीवास्तव, डिप्टी डायरेक्टर राजेश मिश्रा जी, डॉक्टर मंगल, डॉ संजय चौरसिया, डा. नीरज खन्ना, डा. जे.पी. सिंह (सुरमणि), नीलिमा ठाकुर, नीरज दूबे जी, विजय मिश्रा, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पूर्व प्रधानाध्यापिका आरती टण्डन, राजीव टण्डन, श्वेता वर्मा, नबोदिता भट्टाचार्य, नीलू राय, जीशानी खान, जहांगीर आलम, शुभम शर्मा जी शामिल हुए।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य रूप से कार्यक्रम का आकर्षण दिव्यांग फैशन शो रहा जिसमें व्हीलचेयर पर बैठे कलाकारों, ललिता कौर, दीप्ती रत्नाकर, बबिता, हर्षित पाल, पुंजराज, राजपुरोहित अनमोल सेवा समिति ब्रांड एंबेसडर खेल, ने अपने मनमोहन प्रदर्शन से जनता के दिलों को झकझोर कर रख दिया । दिव्यांग फैशन शो मैं जज की भूमिका में आरती टण्डन, नबोदिता भट्टाचार्या, जिशानी खान व जहांगीर आलम रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य रूप से अंशिका सिंह का गायन और बाल कलाकार के रूप में निष्ठा मिश्रा के एकल नृत्य को बहुत पसंद किया गया। सेलिब्रिटी के तौर पर अंशिका सिंह, अंशु पाण्डेय जी, अनमोल सेवा समिति ब्रांड एंबेसडर रही। युवा कलाकार अमित श्रीवास्तव के द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिका राम जटायु प्रसंग, डा. नीरज खन्ना, आशीष सेठ जी की, “मैं जिंदा शहर बनारस हूँ” की प्रस्तुति भी लोगों को बहुत पसंद आयी। कार्यक्रम का सफल संचालन नवल किशोर गुप्ता जी ने किया। संस्था के अध्यक्ष अरविंद कुमार चक्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि इस तरह का आयोजन हमें समय-समय पर समाज में करते रहना चाहिए। अंत में संस्था की ओर से धन्यवाद प्रकाश डॉक्टर सुनीता तिवारी ने किया।
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