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फिलिस्तीनी कैदी से रेप और इज़रायल का जवाब, मानवता को भी शर्मसार कर रहे नेतन्याहू

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Israel Hamas War: सोमवार को फिलिस्तीनी कैदियों के साथ इजरायली सैनिकों ने दुर्व्यवहार किया. इसके बाद सैनिकों और पुलिस बलों के बीच झड़प हो गई. सैनिकों को पूछताछ के लिए जब हिरासत में लिया गया तो इससे इजरायली जनता भड़क गई. आरोपी सैनिकों के समर्थन में प्रदर्शनकारियों ने उस बेस पर धावा भी बोल दिया जहां सैनिकों को रखा गया था.

Israel Hamas War: सत्तारूढ़ लिकुड पार्टी के इज़रायली सांसद हनोच मिल्विड्स्की से जब पूछा गया कि क्या फिलिस्तीनी कैदियों के साथ बलात्कार करना उचित है तो उन्होंने कहा कि हां सब कुछ सही है. एक बैठक के दौरान फिलिस्तीनी सांसद अहमद तिबी ने कई मीडिया आउटलेट्स द्वारा सत्यापित एक वीडियो दिखाते हुए पूछा कि क्या किसी व्यक्ति के रेक्टम में छड़ी डालना वैध है?

मिल्विड्स्की ने चिल्लाते हुए कहा हाँ! अगर वह नुखबा (हमास आतंकवादी) है तो उसके साथ सब कुछ वैध है. नुखबा हमास की सैन्य विंग के नौसैनिक कमांडों हैं.हालांकि इजरायली सैन्य कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपी सैनिकों की हिरासत में रहने की अवधि बढ़ा दी है. 

सैनिकों की रिहाई पर हो रहा मंथन

इजरायली मीडिया के अनुसार, सोमवार को हिरासत में लिए गए सैनिकों पर आरोप है कि उन्होंने सेदे तेइमान हिरासत केंद्र में एक फिलिस्तीनी कैदी के साथ बलात्कार किया और उस पर इतनी हिंसक तरीके से हमला किया कि उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया. इजरायली समाचार पत्र हारेत्ज की रिपोर्ट के अनुसार, कुख्यात सेदे तेइमान हिरासत केंद्र में फिलिस्तीनी बंदियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए नौ इजरायली सैनिकों में से एक को बिना किसी आरोप के रिहा कर दिया गया है. वहीं, अन्य आठ के बारे में अभी विचार-विमर्श जारी है.

आरोपी सैनिकों को इसके बाद मध्य इजरायल में स्थित बेत लिड बेस ले जाया गया. यहां आरोपी सैनिकों से पूछताछ की जानी थी.इस दौरान सैनिकों के समर्थन में बड़ी संख्या में इजरायली प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो गए. प्रदर्शनकारियों ने इजरायली सैनिकों को रिहा कराने के लिए बेत लिड बेस पर धावा बोल दिया था. 

सैनिकों के समर्थन में सही था विरोध प्रदर्शन 

इन प्रदर्शनकारियों के बारे में सवाल पूछे जाने पर इजरायली सरकार के अति दक्षिणपंथी नेता और बेंजामिन कैबिनेट के मंत्री बेजलेल स्मोत्रिच ने कहा कि रेप के आरोपी इजरायली सैनिकों के समर्थन में हुआ नागरिक विरोध प्रदर्शन उचित था. हालांकि कुछ इजरायलियों ने इस घटना को अपने सबसे दुखद दिनों में से एक कहा है. 

क्या बोले पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ?

पीएम नेतन्याहू और सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हर्जी हलेवी सहित अन्य वरिष्ठ इजरायली अधिकारियों ने सेना बेस पर दक्षिणपंथी प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए हमले की निंदा की. हलेवी ने एक बयान में कहा कि सैन्य अड्डे में घुसना और वहां व्यवस्था को बिगाड़ना गंभीर व्यवहार है जो किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि हम युद्ध के बीच में हैं और इस प्रकार की कार्रवाई से राज्य की सुरक्षा को खतरा है.

सदेई तेइमान में सैनिकों को लेकर हुआ नागरिक प्रदर्शन उचित है और मैं पूरे दिल से इसका समर्थन करता हूं. हालांकि हमारे पास राज्य के प्रति जिम्मेदारी है इसलिए मैं सभी से कानून का पालन और सेना का सम्मान करने की अपील करता हूं. आप सैनिकों के ठिकानों में घुसपैठ ना करें, विरोध प्रदर्शन को एक सीमा के अंदर रखकर ही करें. 

सैनिकों को रिहा कराने की कोशिश

कुख्यात सदेई तेइमान हिरासत केंद्र में 9 इजरायली सैनिकों को एक फिलिस्तीनी कैदी  साथ बलात्कार के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार किया गया था. इससे गुस्साए अति दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने बेस पर धावा बोल दिया था और सैनिकों को रिहा कराने की कोशिश की थी. सोमवार को दर्जनों इजरायली दक्षिणपंथी दंगाइयों ने मध्य इजरायल में इजरायली सेना के बेत लिड बेस पर हमला कर दिया जहां सैनिकों को सुनवाई के लिए लाया गया था.

सदेई तेइमान क्या है?

सदेई तेइमान नेगेव रेगिस्तान में स्थित एक इजरायली सैन्य बेस है. यह गाजा  से 29 किलोमीटर (18 मील) दूर स्थित है. इसका इस्तेमाल फिलिस्तीनियों के हिरासत शिविर के रूप में किया जाता है.हमास के हमले के बाद इसमें फिलिस्तीनियों कैदियों की संख्या दो गुनी हो गई है. मानवाधिकार समूहों ने इस बेस को  मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे इजरायली ग्वांतानामो के रूप में संबोधित किया है.

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