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कांदिवली: कांदिवली ट्रैफिक विभाग में पदस्थ अधिकारी सतीश राउत अब सीधे तौर पर कानूनी शिकंजे में हैं। वशिष्ठ मीडिया हाउस के संस्थापक और समूह समाचार पत्र के मालिक अभिषेक अनिल वशिष्ठ ने उनके खिलाफ कोर्ट में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की है। सूत्रों के अनुसार, 6 जुलाई तक सतीश राउत को समन मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद उन्हें अपने कार्यों और व्यवहार का जवाब न्यायालय में देना होगा।
क्या है मामला?
जब से सतीश राउत ने कांदिवली ट्रैफिक विभाग की कमान संभाली है, तब से स्थानीय निवासियों और पत्रकारों का आरोप है कि पूरे क्षेत्र की सड़कें अवैध पार्किंग का अड्डा बन गई हैं। यातायात सुचारू रखने के बजाय, सड़कों पर बेतरतीब वाहनों की भरमार है, जिससे आम नागरिकों का चलना दुश्वार हो गया है।
पत्रकारों से दुर्व्यवहार और ब्लॉक करने का आरोप
याचिका में केवल अवैध पार्किंग का ही मुद्दा नहीं उठाया गया है, बल्कि अधिकारी के व्यवहार पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। आरोप है कि जब भी पत्रकार इस बाबत सवाल पूछते हैं, तो सतीश राउत अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय बदतमीजी से बात करते हैं और पत्रकारों के नंबर ब्लॉक कर देते हैं।
संसद वाणी की पैनी नजर
संसद वाणी इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। यह देखना दिलचस्प होगा कि न्यायालय इस मामले में क्या कड़ा रुख अपनाता है और क्या प्रशासन अब अपनी जवाबदेही तय करेगा।