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करुवन्नूर सहकारी बैंक घोटाला मामले ईडी सीपीआईएम को आरोपी बना सकती है. 300 करोड़ रुपए के इस घोटाले के कई पीड़ितों ने पैसा वापस ना मिलने पर आत्महत्या कर ली थी. सीपीआईएम के एक विधायक और पूर्व मंत्री एसी मोइदीन के कहने पर बैंक के कर्मचारियों ने कई बेनामी लोन बांट दिए थे. इस बैंक में 12000 लोगों का पैसा जमा था.
Karuvannur Cooperative Bank Scam: आम आदमी पार्टी के बाद अब 300 करोड़ रुपए की हेराफेरी के मामले में एक और पार्टी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रडार पर आ गई है. ‘करुवन्नूर सहकारी बैंक’ घोटाला मामले में ईडी सीपीआईएम को आरोपी बना सकती है. बता दें कि केरल के त्रिशूर स्थित करुवन्नूर सहकारी बैंक को सीपीआईएम द्वारा ही नियंत्रित किया जाता है. 2010 में बैंक के कर्मचारियों द्वारा अंजाम दिए गए इस करोड़ों रुपए के घोटाले में सत्तारूढ़ सीपीआईएम के स्थानीय पदाधिकारी शामिल थे. इस घोटाले ने सीपीआईएम को हिलाकर रख दिया था.
एसी मोइदीन के कहने पर बैंक ने बांटे बेनामी लोन
पिछले साल ईडी ने कहा था कि पूर्व मंत्री और सीपीआईएम विधायक एसी मोइदीन के कहने पर बैंक ने बेनामी लोन बांटे. अगस्त 2023 में ईडी ने मोइदीन के त्रिशूर स्थित घर पर छापेमारी भी की थी.
कई ग्राहकों ने कर ली थी आत्महत्या
जिस समय यह घोटाला सामने आया उस समय बैंक में 12000 लोगों ने पैसा जमा कर रखा था, घोटाले के बाद बैंक द्वारा पैसे न लौटाए जाने पर इनमें से कुछ लोगों ने आत्महत्या कर ली थी.
सीपीआईएम के दफ्तर की जमीन अटैच, 60 लाख भी सीज
ईडी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुई सीपीआईएम के कुछ दफ्तरों की जमीन को अटैच किया है साथ ही पार्टी से जुड़े विभिन्न बैंक खातों से 60 लाख रुपए का कैश सीज किया है.
पार्टी ने कार्रवाई को बताया राजनीति से प्रेरित
ईडी की इस कार्रवाई को सीपीआईएम ने राजनीति से प्रेरित बताया है. पार्टी से राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने मीडिया से कहा कि पार्टी कानूनी और राजनीतिक रूप से इस केस का सामना करेगी. पार्टी को इस मामले में आरोपी बनाकर ईडी यह साबित करना चाहती है कि इसमें पार्टी की कुछ भूमिका है. उन्होंने कहा कि ईडी का यह कदम राजनीति से प्रेरित है.
पिछले साल जोर-शोर से उठा था मुद्दा
बता दें कि हाल ही के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र में इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया था. भाजपा को इसका फायदा भी मिला और पार्टी के त्रिशूर उम्मीदवार सुरेश गोपी ने चुनाव में जीत दर्ज की और इसी के साथ भाजपा पहली बार केरल में खाता खोलने में कामयाब रही.
अब तक 4 लोग गिरफ्तार
ईडी ने पिछले साल धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत इस मामले में जांच शुरू की थी और नवंबर में 55 आरोपी संस्थाओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था. अब तक इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
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