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Manish kashyap fake video case: मनीष कश्यप को फर्जी वीडियो मामले में पटना की सिविल कोर्ट ने बरी कर दिया है. वे करीब 9 महीने तमिलनाडु की जेल में रहे.
मनीष कश्यप फर्जी वीडियो मामले में जेल गए. अब वह बीजेपी के में शामिल हो गए हैं. फर्जी वीडियो मामले में मनीष कश्यप ने बरी कर दिया गया है. सबूतों के अभाव में पटना की सिविल कोर्ट ने मनीष कश्यप समेत दो लोगों बरी कर दिया है. हाल ही में मनीष कश्यप मनोज तिवारी की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे.
मनीष कश्यप पर फर्जी वीडियो मामले में केस दर्द किया गया था. उन्होंने तेमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के साथ हुए मारपीट को लेकर एक वीडियो बनाया था. उस वीडियो को गलत बताते हुए मामला दर्ज किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. वीडियो वायरल होने के बाद तमिलनाडु पुलिस ने इसे भ्रामक बताते उनके खिलाफ केस दर्ज किया था.
पुलिस केस होने के बाद कई दिनों तक मनीष गायब रहे, लेकिन पुलिस दबिश के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया. EOU टीम ने केस अपने कब्जे में लेकर मनीष से पूछताछ की और जेल भेज दिया. तमिलनाडु पुलिस की टीम पटना पहुंची और 30 मार्च 2023 को ट्रांजिट रिमांड पर ले गई. वे करीब 9 महीने तमिलनाडु की जेल में रहे.
मनीष कश्यप यूट्यूब पर वीडियो बनाकर फेमस हुए. वह देसी भाषा में कटाक्ष कर रहे थे. उनपर आरोप लगे कि वह बीजेपी के लिए काम करते है. पुलिस केस और जेल काटने के बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया. इससे पहले उन्होंने ऐलान किया था कि वो पश्चिमी चंपारण सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने इसके लिए प्रचार भी शुरू कर दिया था.
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