नई दिल्ली, 11 फरवरी 2026 — दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को राजधानी में मजदूरों और ग्रामीण इलाकों के व्यापक कल्याण व विकास कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा सहायता राशि वितरित की और ग्रामीण क्षेत्रों में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने 15,706 निर्माण श्रमिकों के बच्चों के बैंक खातों में 12.40 करोड़ रुपये की शिक्षा सहायता राशि सीधे ट्रांसफर कराई, जिससे उन परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक मदद मिलेगी। यह सहायता दिल्ली भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत दी जा रही है।
134 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने 37 गांवों में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कुल 59 विकास परियोजनाओं की शुरुआत की, जिनकी अनुमानित लागत 134 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में सड़कों, पंचायत भवनों, सामुदायिक केंद्रों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार शामिल है।
कार्यक्रम का आयोजन त्यागराज स्टेडियम, नई दिल्ली में किया गया, जिसमें श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय प्रतिनिधि और हजारों मजदूर परिवारों ने भी भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का विकास सिर्फ इमारतों और सड़कों से नहीं, बल्कि मजदूरों के कठिन परिश्रम से होता है, इसीलिए उनकी सुरक्षा, सम्मान और भविष्य हमारी प्राथमिकता है।
शिक्षा सहायता योजना
शिक्षा सहायता के तहत, योजना के पात्र छात्र निम्नलिखित सहायता राशि प्राप्त कर रहे हैं:
- कक्षा 1–8: 500 प्रति माह
- कक्षा 9–10: 700 प्रति माह
- कक्षा 11–12: 1,000 प्रति माह
- स्नातक स्तर के छात्र: 3,000 प्रति माह
- तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रम (ITI, इंजीनियरिंग, मेडिकल, MBA): 10,000 तक प्रति माह
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल शिक्षा को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी मदद करेगी।
ग्रामीण विकास पर जोर
इन परियोजनाओं के माध्यम से दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे को और बेहतर बनाया जाएगा। इससे जनता को बेहतर सड़कें, स्वच्छ पानी, पार्क और सामुदायिक सुविधाएँ मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर यह कहकर निशाना भी साधा कि श्रमिकों के कल्याण के लिए उपलब्ध कोष का पर्याप्त उपयोग नहीं हुआ।
इस कार्यक्रम का व्यापक असर
विश्लेषकों के अनुसार, ये परियोजनाएँ दिल्ली की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में त्वरण लाने और असंगठित श्रमिक वर्ग के जीवन स्तर में सुधार लाने का अवसर प्रदान करेंगी। शिक्षा सहायता से बच्चों के पढ़ाई में निरंतरता आएगी, जिससे समाज के कमजोर तबकों के लिए अवसर और समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे।