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नई दिल्ली, 14 मार्च 2026:
दिल्ली सरकार ने राजधानी के ऐतिहासिक क्षेत्र शाहजहानाबाद (ओल्ड दिल्ली) के पुनर्विकास और संरक्षण को लेकर नई पहल पर चर्चा शुरू की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में पुराने दिल्ली क्षेत्र के विकास, विरासत संरक्षण और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव जैसे मुद्दों पर विस्तार से विचार किया गया।
बैठक में शाहजहानाबाद रीडेवलपमेंट कॉरपोरेशन (SRDC) की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई और पुराने शहर के विकास कार्यों को तेज करने के लिए नए कदमों पर चर्चा हुई। सरकार ने संकेत दिया है कि इस संस्था का नाम बदलने और इसे अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
पुराने दिल्ली क्षेत्र के विकास पर जोर
दिल्ली सरकार का कहना है कि शाहजहानाबाद क्षेत्र राजधानी की ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए विकास कार्यों में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ विरासत संरचनाओं और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना भी प्राथमिकता होगी।
सरकार के अनुसार, पुराने शहर में सड़क, बाजार और सार्वजनिक स्थानों के सुधार के लिए कई परियोजनाएँ चल रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इस क्षेत्र की लगभग 28 सड़कों पर करीब 160 करोड़ रुपये के विकास कार्य भी जारी हैं।
चांदनी चौक और अन्य परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में चांदनी चौक पुनर्विकास परियोजना सहित कई योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई। विशेष रूप से लाल जैन मंदिर से फतेहपुरी मस्जिद तक के हिस्से में किए गए विकास कार्यों और आगे की योजनाओं का मूल्यांकन किया गया।
पुराने प्रोजेक्ट्स में अनियमितताओं की जांच
बैठक के दौरान पिछले वर्षों में हुए विकास कार्यों और परियोजनाओं में संभावित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भी चिंता जताई गई। सरकार ने संकेत दिया है कि इन मामलों की जांच कराई जा सकती है ताकि भविष्य की परियोजनाएँ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पूरी की जा सकें।
विरासत और आधुनिक विकास का संतुलन
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सही तरीके से लागू होती है तो ओल्ड दिल्ली में पर्यटन, व्यापार और बुनियादी ढांचे को नई गति मिल सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि पुराने शहर को ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक और व्यवस्थित शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए।