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दिल्ली, 29 मार्च 2026: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर रविवार को एक उच्च-तीव्रता वाली संयुक्त आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा एजेंसियों ने उभरते खतरों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया। CISF की क्विक रिएक्शन टीम (QRT), बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वायड (BDDS), डॉग स्क्वायड के साथ दिल्ली पुलिस, NSG, BCAS, DGCA, दिल्ली फायर सर्विस, DIAL-ARFF और मेडिकल टीमों ने भाग लिया। यह अभ्यास एयरपोर्ट की सुरक्षा को मजबूत करने और एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया।
ड्रिल में संदिग्ध गतिविधि की सूचना से शुरू होकर बम निष्क्रिय करने, घायलों को बचाने, यात्रियों की सुरक्षित निकासी और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करने तक की पूरी प्रक्रिया का सिमुलेशन किया गया। CISF के अनुसार, सभी टीमें निर्धारित समय में उद्देश्यों को हासिल करने में सफल रहीं, जो उनकी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता दर्शाता है। अभ्यास के दौरान उड़ानों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा, और यात्री सुरक्षित रहे।
प्रमुख बिंदु
- भाग लेने वाली एजेंसियां: CISF (QRT, BDDS, Dog Squad), दिल्ली पुलिस, NSG, BCAS, DGCA, दिल्ली फायर सर्विस, DIAL-ARFF, मेडिकल टीम।
- परिदृश्य: बम विस्फोट, हाईजैकिंग, घुसपैठ और संदिग्ध वस्तुओं का निष्प्रभावीकरण।
- उद्देश्य: खतरे की पहचान, त्वरित प्रतिक्रिया और इंटर-एजेंसी समन्वय मजबूत करना।
- परिणाम: सभी इकाइयां चुनौतियों से निपटने को पूरी तरह सक्षम साबित हुईं।
विशेषज्ञ विश्लेषण
IGI एयरपोर्ट, भारत का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा होने के नाते, नियमित रूप से ऐसी ड्रिल करता है ताकि वास्तविक घटनाओं में जानमाल का न्यूनतम नुकसान हो। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ये अभ्यास बढ़ते आतंकी खतरों के बीच आवश्यक हैं। CISF ने सोशल मीडिया पर ड्रिल की झलकियां साझा कीं, जो उनकी ऑपरेशनल तत्परता दिखाती हैं।