कोलकाता, 10 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ‘युवासाथी योजना’ को लॉन्च करने का ऐलान किया है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे रोजगार खोजने तक आर्थिक रूप से समर्थ रह सकें।
योजना की मुख्य बातें
- युवासाथी योजना अब 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी, जो पहले 15 अगस्त को शुरू होने वाली थी।
- योजना के तहत 21 से 40 वर्ष तक के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को मासिक ₹1,500 सीधे उनके बैंक खाते में सहायता के रूप में दिए जाएंगे।
- लाभार्थी वे होंगे जिन्होंने कम से कम माध्यमिक (Madhyamik) परीक्षा पास की हो।
- यदि कोई युवा पहले से अन्य सरकारी कल्याण योजनाओं के लाभार्थी है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगा (छात्रवृत्ति पाने वाले युवा योजना में शामिल हो सकते हैं)।
- योजना में लाभ पाँच साल तक जारी रहेगा या जब तक लाभार्थी को रोजगार नहीं मिल जाता।
सरकार का तर्क और चुनावी संदर्भ
ममता बनर्जी ने बताया कि इस योजना को वित्त वर्ष (1 अप्रैल से) के साथ लागू करना ज्यादा उपयुक्त है। चुनाव से पहले इस सहायता को शुरू करना युवाओं को राहत देने के साथ-साथ जन समर्थन मजबूत करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
राज्य सरकार ने इसके अलावा योजना के लिए 294 विधानसभा क्षेत्रों में आवेदन शिविर आयोजित करने की भी घोषणा की है, जहां युवा दस्तावेज जमा कर सकते हैं और लाभ के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
राज्य सरकार की अन्य घोषणाएँ
इस योजना के अलावा, ममता सरकार ने बजट में महिलाओं के लिए लक्ष्मी भंडार योजना के लाभों में वृद्धि और किसानों के लिए अन्य वित्तीय सहायता के प्रावधान भी किए हैं, जो चुनाव के नजदीक आते ही कल्याणकारी घोषणाओं का हिस्सा बने हैं।