Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
सीएचसी पीएचसी के लैब टेक्नीशियन और लैब सहायकों को दिया प्रशिक्षण
वाराणसी/संसद वाणी : राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में जल्द ही नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) शुरू किया जाएगा। इसी के मद्देनजर मंगलवार को मंडलीय अपर निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) कार्यालय सभागार में ग्रामीण सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लैब टेक्नीशियन और लैब सहायकों को प्रशिक्षण दिया गया। वाराणसी मण्डल के अपर निदेशक डॉ एमपी सिंह की अध्यक्षता में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने समस्त स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि माइक्रोप्लान के अनुसार सभी 33 प्लानिंग साइट पर सर्वेक्षण का कार्य सुनिश्चित किया जाए। पॉजिटिव मिलने वाले रोगियों की सूची तैयार कर विभाग को प्रेषित की जाए।
राज्य स्तर से प्रशिक्षित होकर आए क्षेत्रीय एंटोमोलोजिस्ट व बायोलॉजिस्ट डॉ अमित कुमार सिंह और सीनियर लैब टेक्नीशियन पीआर गिरी ने 50 स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि रात्रि साढ़े आठ बजे से जांच कर सैंपल एकत्रित करें। फाइलेरिया के समस्त लक्षण, कारण, जांच, निदान, उपचार एवं प्रबंधन आदि के बारे में जानकारी दी। फाइलेरिया के पैरासाइट के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही जांच के दौरान उपयोग में आने वाले संसाधनों के बारे में भी चर्चा की गई। डॉ अमित कुमार सिंह ने बताया कि नवंबर में जनपद के सभी ब्लाकों में ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (टास) किया जाएगा। यदि इसमें माइक्रो फाइलेरिया दर (एमएफ रेट) एक प्रतिशत से ज्यादा रहेगी तो उसी प्लानिंग साइट पर सर्वजन दवा सेवन आईडीए अभियान चलाया जाएगा। यदि दर एक प्रतिशत से कम रहेगी तो हम फाइलेरिया उन्मूलन की ओर अग्रसर रहेंगे और आईडीए अभियान का संचालन नहीं किया जाएगा।
You must be logged in to post a comment Login