Connect with us

बड़ी खबर

मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसायटी विवाद: अध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल, म्हाडा अधिकारी बी.एस. कटरे की भूमिका पर भी उठे प्रश्न

Published

on

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!


मुंबई | संसद वाणी | मालवणी से विशेष रिपोर्ट

मालवणी के सामना नगर स्थित स्वप्नपूर्ति सोसायटी इन दिनों एक नए विवाद को लेकर चर्चा में है। सोसाइटी के अध्यक्ष की कार्यशैली और निर्णयों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण मामला लगातार बढ़ता जा रहा है।

एजीएम मीटिंग में अध्यक्ष के बयान से विवाद

स्थानीय निवासियों के अनुसार हाल ही में आयोजित वार्षिक आम सभा (AGM) की बैठक में सोसाइटी के अध्यक्ष ने कथित तौर पर यह कहा कि “कोई कुछ भी कर ले, वह अपने पद से नहीं हटेंगे और जो उन्हें उचित लगेगा वही करेंगे।”
इस बयान के बाद बैठक में मौजूद कई रूम मालिकों ने आपत्ति जताई और सोसाइटी के संचालन को लेकर सवाल उठाए।

वीडियो रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ का आरोप

सोसाइटी के कुछ सदस्यों का आरोप है कि एजीएम बैठक की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग लगभग 4 से 5 घंटे की थी, लेकिन बाद में उपलब्ध कराई गई रिकॉर्डिंग केवल 58 मिनट की ही निकली।
आरोप है कि बैठक की रिकॉर्डिंग में कथित रूप से छेड़छाड़ की गई है। सदस्यों का कहना है कि जिस हिस्से में कई विवादित मुद्दों पर चर्चा हुई थी, वह हिस्सा अब उपलब्ध नहीं है।

रूम दलाली के मुद्दे पर भी चर्चा

सूत्रों के अनुसार एजीएम बैठक के दौरान रूम दलाली के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कुछ सदस्यों का दावा है कि बैठक में इस विषय को लेकर खुलकर बहस हुई थी, जिससे सोसाइटी के अध्यक्ष ने रूम दलाली की बात कबूल की थी, उन्होंने कहा की वह रूम दलाली करते है, और जो लोग उन्हें राशि देते है वह दलाली नहीं बल्कि गुडलुक था।

अब एक रूम मालिक ने सवाल उठाया की २७ हजार रूपये गुडलुक होता है..? और आप सोसाइटी के पद बैठकर गुडलक भी नहीं ले सकते है।

जुर्माने और सोसाइटी फंड को लेकर सवाल

निवासियों के अनुसार बैठक में यह भी बताया गया कि फेडरेशन की कथित गलती के कारण म्हाडा द्वारा सोसाइटी पर लगभग 1 लाख 8 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
इस पर भी विवाद खड़ा हो गया, क्योंकि आरोप है कि अध्यक्ष ने कहा कि यह राशि वह सोसाइटी के फंड से नहीं देंगे। इस विषय पर कई सदस्यों ने अलग-अलग राय रखी।

बैठक में महिला सदस्य से कथित बदसलूकी

कुछ रूम मालिकों ने यह भी आरोप लगाया कि एजीएम बैठक के दौरान एक महिला रूम मालिक से अध्यक्ष ने कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया।
हालांकि इस पूरे मामले को लेकर सोसाइटी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

सोसाइटी कार्यालय के संचालन पर उठे सवाल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सोसाइटी का कार्यालय रोजाना सुबह करीब 8 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है और कई बार देर रात तक भी कार्यालय खुला रहता है।
सोसाइटी के कार्यालय में एयर कंडीशनर (AC) भी लगाया गया है। कुछ सदस्यों ने सवाल उठाया कि कार्यालय को इतने लंबे समय तक खुला रखने और बिजली खर्च का भुगतान किस तरह किया जा रहा है।

बताया जाता है कि इस विषय पर पूछे जाने पर अध्यक्ष ने कहा कि कार्यालय से संबंधित खर्च सोसाइटी फंड से ही किया जाएगा।

फर्नीचर खरीद को लेकर भी विवाद

सोसाइटी के कुछ सदस्यों का आरोप है कि सोसाइटी फंड से लगभग 25 हजार रुपये की कुर्सी खरीदी गई है। जब इस पर सवाल पूछा गया तो कथित तौर पर अध्यक्ष ने कहा कि भविष्य में इससे भी महंगी कुर्सी खरीदी जा सकती है।
इस बयान के बाद सोसाइटी के अंदर वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

म्हाडा अधिकारी पर भी उठे सवाल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन सभी विवादों और शिकायतों की जानकारी म्हाडा के उपनिबंधक कार्यालय को भी दी गई है।
कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी बी.एस. कटरे की ओर से अभी तक इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे सोसाइटी के अंदर असंतोष बढ़ रहा है।

जांच और कार्रवाई की मांग

निवासियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि सोसाइटी के प्रशासन, फंड के उपयोग और एजीएम बैठक से जुड़े विवादों की जांच होने से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों को लेकर क्या कदम उठाता है और क्या सोसाइटी प्रबंधन के खिलाफ कोई औपचारिक जांच शुरू होती है या नहीं।

Copyright © 2026 Vashishtha Media House Pvt. Ltd.