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मालाड (मालवणी): मालवणी के निवासियों और आम जनता के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। वशिष्ठ मीडिया हाउस के संस्थापक और समूह समाचार पत्र के मालिक अभिषेक अनिल वशिष्ठ ने MHADA के अधिकारियों, विशेष रूप से संतोष कांबले और रोहित शिंदे के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की है। सूत्रों के अनुसार, 6 जुलाई तक इन्हें समन मिलने की संभावना है, जिसके बाद कोर्ट में इन्हें अपने कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही का जवाब देना होगा।
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि जब से ये अधिकारी संबंधित पद पर तैनात हुए हैं, तब से मालवणी गेट नंबर 8 स्थित ‘सामना नगर’ में मनमानी बढ़ गई है। यहाँ आपातकालीन रास्ते (Emergency Exit) को लॉक कर दिया गया है, जो किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है। इसके अलावा, ओम् सिद्धि विनायक सोसाइटी द्वारा ब्लू-प्रिंट के नियमों को ताक पर रखकर 15 साल पुराने पानी के टैंक (Water Tank) पर अवैध निर्माण किया गया है।
शिकायत पर लापरवाही और दुर्व्यवहार
याचिका में इस बात का भी उल्लेख है कि जब भी स्थानीय निवासी या पत्रकार इस अवैध निर्माण और सुरक्षा संबंधी खतरों की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हैं, तो संतोष कांबले और रोहित शिंदे कार्रवाई करने के बजाय शिकायत को अनदेखा कर देते हैं। यही नहीं, जवाबदेही से बचने के लिए पत्रकारों के फोन नंबर तक ब्लॉक कर दिए जाते हैं, जो कि एक लोक सेवक के पद की गरिमा के विरुद्ध है।
संसद वाणी की पैनी नजर
संसद वाणी इस पूरे प्रकरण पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। प्रशासन की इस कथित मिलीभगत और कानून की अनदेखी पर अब न्यायालय क्या कड़ा रुख अपनाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।