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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय रूस यात्रा के लिए मॉस्को के लिए उड़ान भर चुके हैं. पीएम मोदी की रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात से पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी से तीन सवालों के जवाब पूछे हैं. उनका सबसे पहला सवाल यही है कि क्या मोदी जी के शासनकाल में भारत और रूस के संबंध ठंडे पड़ गए हैं. इसके अलावा उन्होंने दो और बेहद अहम सवाल पीएम मोदी पर दागे हैं.
PM Modi Russia Visit: तीसरी बार पीएम बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पहले विदेशी दौरे के रूप में अपने सबसे पक्के दोस्त व्लादिमीर पुतिन के देश रूस को चुना है. पीएम 8 व 9 मई को रूस के दौरे पर होंगे. पीएम मोदी के रूस दौरे से पहले कांग्रेस पार्टी ने उन पर तीन सवाल दागे हैं. कांग्रेस से महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी से पूछा है कि पीएम मोदी के समर्थकों द्वारा रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को रुकवाने में उनकी भूमिका का दावा किए जाने के बावजूद क्या पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत और रूस के संबंध ठंडे पड़े हैं?
मोदी के राज में क्या भारत-रूस के रिश्ते ठंडे पड़ गए हैं
राज्यसभा सांसद ने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने शासनकाल में पुतिन से 16 बार मुलाकात की थी, लेकिन यह पीएम मोदी की रूसी राष्ट्रपति से केवल 11वीं मुलाकात है.रमेश ने कहा कि पीएम मोदी के भक्त उनके द्वारा रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवाने का दावा करते हैं, क्या मोदी के शासनकाल में रूस और भारत के रिश्ते ठंडे पड़े हैं?
मोदी के शासनकाल में आयात बढ़ा निर्यात घटा
रमेश ने दूसरा सवाल दागते हुए कहा, ‘वित्त वर्ष 14 और 23 के बीच भारत का रूस के लिए निर्यात 3.17 बिलियन डॉलर से घटकर 3.14 बिलियन डॉलर रहा जबकि आयात 6.34 बिलियन डॉलर से बढ़कर 46.21 बिलियन डॉलर पहुंच गया.’ जयराम रमेश ने सवाल किया कि दोनों देशों के बीच व्यापार को संतुलित करने के लिए पीएम मोदी का दृष्टिकोण क्या है?
रमेश ने कहा कि क्या भारत के गैर-जैविक प्रधानमंत्री के एजेंडे में इस व्यापार के असंतुलन पर राष्ट्रपति पुतिन से बातचीत करना शामिल है? दोनों देशों के बीच की इस स्थिति में सुधार के लिए मोदी जी क्या विजन क्या है?
रूस-यूक्रेन युद्ध में झोंके जा रहे भारतीय युवा
इसके अलावा जयराम रमेश ने भारतीय लोगों के अवैध तरीके से रूसी सेना में शामिल होने पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने दावा किया कि करीब 50 भारतीयों ने अवैध तरीके से रूसी सेना ज्वॉइन की है जिनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि भारत में गरीबी और बेरोजगारी के कारण भारत के नौजवान रूस की सेना में शामिल हो रहे हैं और रूस-यूक्रेन युद्ध में अपनी जान गंवा रहे हैं. रूस की यात्रा के बाद पीएम मोदी 9 जुलाई को ऑस्ट्रिया के लिए रवाना होंगे. यह भारत के किसी प्रधानमंत्री की करीब 40 साल बाद ऑस्ट्रिया की यात्रा होगी.
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