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मऊ/संसद वाणी : प्रार्थी उपेद्र सिंह पिछले कई सालो से 34/8 गाटा संख्या ख्वाजाजहांपुर खोज रहे है अपने हिस्से की ज़मीन। कितने बार प्रार्थना पत्र देने क़े बाद भीं नहीं होती रही सुनवाई। जब हुआ DM द्वारा मिला दिनांक 20/6/24 को तो उस दिन क़े बजाय दिनांक 27/6/24 को हुआ नपाई में यह बोला गया कि वहा अब मकान बन चुके है जिससे नपाई नहीं हो पायी। अब ड्रोन से होगा नपाई यह बोला गया। लेकिन यह प्रश्न जरूर जीवित रहेगा कि आखिर इतना विलम्ब में क्यों हुआ यह नपाई। और 34/8 पर प्रार्थी कि शेष ज़मीन दिलाने कि जिम्मेदारी राजस्व विभाग कि है ज़ो कि अपने कर्तव्यों को ठीक ढंग से नहीं निभा पा रहा।
आखिर क्यों…. क़्या राजनीतिक दबाव क़े कारण। यहां तक कि वहा बिना बटे क़े ज़मीन को बेचा गया है और नक्सा पास कर क़े मकान भीं बन गए है और तो और वहा कुछ मकान ऐसे है कि उनका नक्सा तक नहीं है और मकान बन रहे है। प्रार्थी का कहना है कि वहा गाटा संख्या 11 को गलत तरीके से 34/8 पर रख कर ज़मीन को बेचा जा रहा है। अगर बात गलत भीं है तो प्रार्थी क़े हिसे कि ज़मीन दिलाने कि जिनेंदारी पूरी तरह से राजस्व विभाग कि है ज़ो कि अभी तक असफल है। जिससे प्रार्थी को मानसिक और आर्थिक रूप से हानि हो रही है। आखिर कब जगेगा राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन क्योंकि स्टे का आर्डर होने पर भीं वहा भूमाफिया अपना कार्य कर रहे है।
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