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Andaman Earthquake: अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के निकट अंडमान सागर में रविवार दोपहर करीब 12:06 बजे जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र समुद्र तल से 90 किलोमीटर की गहराई में था, जिसकी लोकेशन 12.49 उत्तर अक्षांश और 93.83 पूर्वी देशांतर बताई गई है।
यह झटके पोर्ट ब्लेयर, डिगलीपुर, हैवलॉक और आसपास के इलाकों में स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। कई लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए, लेकिन राहत की बात यह है कि अभी तक किसी तरह की जान-माल की क्षति या बड़ी संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन ने सभी जिलों में आपातकालीन टीमें तैनात कर दी हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह भूकंपीय जोन-5 में आता है, जो भारत का सबसे संवेदनशील क्षेत्र है। यहां इंडो-ऑस्ट्रेलियन और बर्मा प्लेटों के टकराव के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 90 किमी की गहराई पर आने वाला यह भूकंप सतह पर कम विनाशकारी साबित हुआ, क्योंकि गहरे भूकंपों की तरंगें ऊपरी सतह तक पहुंचते-पहुंचते कमजोर हो जाती हैं।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने तीव्रता को लेकर थोड़ा अलग आंकड़े दिए हैं। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) ने इसे 6.0 से ऊपर बताया, जबकि कुछ अन्य ने 5.5 के करीब आंका। मलेशिया के मौसम विभाग ने भी पुष्टि की कि इससे सुनामी का कोई खतरा नहीं है।
प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की है। एनसीएस ने ‘भूकंप’ ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी है, ताकि रियल-टाइम अलर्ट मिल सकें। फिलहाल क्षेत्र में सामान्य जीवन बहाल हो रहा है, लेकिन वैज्ञानिक आगे की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।