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Monday, July 15, 2024

दिल्ली कांग्रेस में दंगल, लवली के इस्तीफे के बाद मचा बवाल 

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दिल्ली कांग्रेस में दंगल छिड़ी हुई है. लोकसभा चुनाव के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अरविंदर सिंह लवली के रविवार को इस्तीफा दे दिया है. लवली की इस्तीफे के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर हैं. पार्टी कार्यकर्ता कन्हैया कुमार के कार्यालय के बाहर काले पोस्टर लेकर खड़े थे, जिन पर लिखा था, ”स्थानीय उम्मीदवार चाहिए, बाहरी नहीं”. अपने इस्तीफे में अरविंदर सिंह लवली ने कन्हैया कुमार पर आम आदमी पार्टी (आप) और उसके मुखिया अरविंद केजरीवाल की तारीफ करने का आरोप लगाया है.

अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि आप के कई मंत्री भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जा चुके हैं, फिर भी कांग्रेस ने पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध के बीच लोकसभा चुनाव के लिए अरविंद केजरीवाल की पार्टी के साथ गठबंधन किया. लवली ने कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे पत्र में कहा कि चूंकि वह दिल्ली कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हितों की रक्षा नहीं कर सकते, इसलिए उन्हें शहर की पार्टी इकाई के प्रमुख के रूप में बने रहने का कोई कारण नहीं दिखता.

कार्यकर्ताओं की मान्यताओं का उल्लंघन

लवली ने कन्हैया कुमार पर भी आरोप लगाए और कहा कि उत्तर पूर्वी दिल्ली के उम्मीदवार भी पार्टी लाइन और स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं की मान्यताओं का सीधे उल्लंघन कर रहे हैं. दिल्ली के सीएम की झूठी प्रशंसा करते हुए मीडिया बाइट्स दे रहे हैं. लवली के इस्तीफे के बाद अब तरह-तरह के रिएक्शन आ रहे हैं. लवली के इस्तीफे पर बीजेपी ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है. बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, कांग्रेस के नेता ही उसके पाखंड के लिए आईना दिखा रहे हैं. 

शहजाद पूनावाला ने कहा-गठबंधन में विभाजन

अरविंदर सिंह लवली के इस्तीफे पर बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि विपक्ष गठबंधन में विभाजन है, ये टुकडे़-टुकड़े गैंग वाली पार्टी है. पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने दिल्ली से ऐसे प्रत्याशियों को उतारा जिनका न ही दिल्ली और न ही उनकी पार्टी से कोई वास्ता था. जिस AAP पार्टी का जन्म कांग्रेस के खात्मे के लिए हुआ आज दोनों साथ आ गए हैं. 

आसिफ मोहम्मद ने क्या कहा? 

अरविंदर सिंह लवली के दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर पूर्व कांग्रेस विधायक आसिफ मोहम्मद ने कहा कि पार्टी में मतभेद हो सकते हैं… अगर लवली निराश थे, इस्तीफा देना चाहते थे तो उन्होंने चुपचाप मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा दे दिया होता; पत्र में तरह-तरह के कारणों का जिक्र किया गया है और फिर उन्होंने इस्तीफा दे दिया. हर्ष मल्होत्रा की जगह लवली को एक-दो दिन में उम्मीदवार घोषित कर दिया जाएगा.

उनकी बात सुननी चाहिए-संदीप दीक्षित

अरविंदर सिंह लवली के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि मेरा मानना है कि उन्होंने जो कुछ भी लिखा है उसमे अपना दर्द व्यक्त किया है. पार्टी को उस पर तत्काल विचार करना चाहिए. वह पार्टी के लिए एक संपत्ति हैं, हमारे सीनियर नेतृत्व को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए. हमें आगे के नुकशान से बचना चाहिए. 

बीजीपे के नेता आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस में सब कुठ गड़बड़ है. एक परिवार की पार्टी है और इससे पार्टी के कार्यकर्ता तंग हैं. जमीन पर काम कर रहे नेता की कोई सुनने वाला नहीं है. जो कांग्रेस जिसपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती थी आज उन्हीं के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. 

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