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राजनीति

महाराष्ट्र सरकार पर बड़ा बकाया दावाः BMC को देय ₹10,931 करोड़, विधानसभा में उठे सवाल

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मुंबई – महाराष्ट्र सरकार पर मुंबई महानगरपालिका (BMC) को ₹10,931 करोड़ से अधिक का बकाया रकम न देने का बड़ा आरोप राज्य विधानसभा में गुरुवार, 26 फरवरी 2026 को उठाया गया। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने बजट सत्र के दौरान लिखित उत्तर में दी।

शिंदे ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक विभिन्न राज्य सरकार विभागों द्वारा BMC को यह विशाल राशि देय है। इसमें मुख्य रूप से मालमत्ता कर, जल शुल्क, अनुदान और अन्य बकाया राशि शामिल हैं। BMC के आयुक्त ने 9 दिसंबर 2025 को संबंधित विभागों को पत्र लिखकर इसे जल्दी से जल्दी चुकाने का आग्रह भी किया है, लेकिन अब तक ठोस परिणाम नहीं मिले हैं।

विधानसभा में उठे सवाल

विधायकों ने विधानसभा में सवाल किया कि क्या कई विभाग — जैसे शहरी विकास, शिक्षा, गृह, सार्वजनिक स्वास्थ्य, सार्वजनिक निर्माण और सिंचाई — पर यह बकाया राशि लंबित है। इसका कारण क्या है और बकाया राशि कब तक साफ की जाएगी, इस पर भी विस्तार से जवाब मांगा गया।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि BMC लगातार संबंधित विभागों से बकाया राशि वसूलने के लिए फॉलो-अप कर रही है, लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई समयसीमा या स्पष्ट रणनीति सार्वजनिक नहीं की गई है।

BMC के बजट का संदर्भ

इस सवाल को तब विधानसभा में उठाया गया जब BMC ने 2026–27 के लिए ₹80,952 करोड़ के बजट का प्रस्ताव पेश किया था, जो सरकारी विभागों पर पड़े बकाया का मुकाबला करता है। यह बजट शहर के बड़े विकास और अवसंरचना परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय योजना है।

बकाया राशि का मुद्दा

विश्लेषकों के अनुसार, यह बकाया राशि BMC की वित्तीय गतिविधियों — जैसे सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य नागरिक सेवाओं — को प्रभावित कर सकता है यदि समय पर प्राप्त नहीं होती। इससे मुंबई शहर के विकास और रोज़मर्रा की योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है।

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