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नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच लगभग पांच साल के लंबे अंतराल के बाद सीधी हवाई सेवाएं फिर से शुरू होने जा रही हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को घोषणा की कि दोनों देशों के बीच नामित शहरों को जोड़ने वाली डायरेक्ट फ्लाइट्स अक्टूबर के अंत तक बहाल हो जाएंगी। यह कदम द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर गलवान घाटी संघर्ष के बाद बिगड़े रिश्तों के बीच।
क्यों रुकी थीं उड़ानें?
मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण भारत ने सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रोक दी थीं। लेकिन जबकि कई देशों के साथ सेवाएं धीरे-धीरे बहाल हो गईं, चीन के साथ यह प्रक्रिया लंबी खिंच गई। इसका मुख्य कारण 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद सीमा पर बढ़े तनाव थे, जिसने दोनों देशों के बीच यात्रा और व्यापार पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए। जुलाई 2025 में भारतीय सरकार ने चीनी पर्यटकों के लिए वीजा प्रतिबंधों में ढील दी थी, जो इसकी शुरुआत थी। अब, सिविल एविएशन अथॉरिटीज के बीच हालिया तकनीकी चर्चाओं और संशोधित एयर सर्विसेज एग्रीमेंट के बाद यह फैसला लिया गया है।
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, “इन चर्चाओं के बाद, यह सहमति बनी है कि भारत और चीन के बीच नामित बिंदुओं को जोड़ने वाली डायरेक्ट एयर सर्विसेज अक्टूबर के अंत तक शुरू हो सकती हैं, जो विंटर शेड्यूल के अनुरूप होगी। यह दोनों देशों के वाहकों के व्यावसायिक फैसलों और सभी ऑपरेशनल मानदंडों की पूर्ति पर निर्भर करेगा।” मंत्रालय ने जोर दिया कि यह कदम “लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देगा और द्विपक्षीय आदान-प्रदान को सामान्य करने में योगदान देगा।”
इंडिगो की पहली उड़ान: कोलकाता-गुआंगझोउ से 26 अक्टूबर
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने सबसे पहले अपनी योजनाओं का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा कि वह 26 अक्टूबर 2025 से कोलकाता और चीन के व्यापारिक केंद्र गुआंगझोउ (CAN) के बीच दैनिक नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू करेगी। ये उड़ानें एयरबस A320neo विमानों से संचालित होंगी। टिकट बिक्री शुक्रवार (3 अक्टूबर) से शुरू हो चुकी है।
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा, “वैश्विक एविएशन खिलाड़ी बनने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हमारी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को मजबूत करेगा।” कंपनी ने यह भी संकेत दिया कि नियामक मंजूरी मिलने पर दिल्ली-गुआंगझोउ रूट भी जल्द शुरू किया जाएगा।
अन्य एयरलाइंस की संभावनाएं
एयर इंडिया भी साल के अंत तक दिल्ली-शंघाई उड़ानें शुरू करने की योजना बना रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। चीन की ओर से गुआंगझोउ बाईयुन इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने भी पुष्टि की है कि भारत से डायरेक्ट फ्लाइट्स इस महीने के अंत से बहाल होंगी। दोनों देशों के बीच कुल 52 हफ्ते प्रति सप्ताह की क्षमता बहाल करने का लक्ष्य है, लेकिन शुरुआत सीमित रूट्स से होगी।
व्यापक प्रभाव: व्यापार, पर्यटन और संबंध
यह घोषणा मोदी-शी जियानपिंग की हालिया मुलाकातों और ट्रैक-2 संवादों के बाद आई है, जो सीमा विवाद को शांत करने पर केंद्रित थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नई टैरिफ नीतियों के बीच भारत-चीन को करीब लाने का प्रयास भी हो सकता है।
- व्यापार पर असर: दोनों देशों के बीच सीमा व्यापार फिर से बढ़ेगा। गुआंगझोउ जैसे शहर व्यापारिक केंद्र हैं, जहां भारतीय निर्यातक इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और फार्मा उत्पाद भेजते हैं।
- पर्यटन में उछाल: भारत में कोविड पूर्व 11.5 मिलियन चीनी पर्यटक आते थे, जो अब 9.5 मिलियन पर अटका है। एसटीआईसी ट्रैवल ग्रुप के संस्थापक सुबाष गोयल ने कहा, “यह बहाली स्वागतयोग्य है, खासकर जब भारत अभी भी पूर्व-कोविड स्तर पर नहीं पहुंचा।”
- लोगों के बीच संपर्क: छात्र, परिवार और व्यापारिक यात्राएं आसान होंगी, जो तनाव कम करने में मददगार साबित होगा।
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