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वॉशिंगटन/ब्रसेल्स | अंतरराष्ट्रीय राजनीति
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ग्रीनलैंड को लेकर जारी कूटनीतिक तनातनी के बीच बड़ा आर्थिक फैसला लेते हुए आठ यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। इस कदम के बाद European Union में हलचल मच गई है और ब्रसेल्स में आपात बैठक बुलाई गई है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्रीनलैंड के रणनीतिक और खनिज संसाधनों को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। हालिया घटनाक्रम में ट्रंप प्रशासन ने दावा किया कि कुछ यूरोपीय देश अमेरिका के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। इसी के जवाब में अमेरिका ने इन देशों से आने वाले चुनिंदा उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाने का फैसला लिया।
किन देशों पर पड़ा असर?
हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर सभी आठ देशों के नामों की पूरी सूची साझा नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इनमें उत्तरी और पश्चिमी यूरोप के कुछ प्रमुख देश शामिल हैं। टैरिफ बढ़ने से स्टील, ऑटो पार्ट्स, टेक्नोलॉजी और कृषि उत्पादों के व्यापार पर सीधा असर पड़ सकता है।
EU की आपात बैठक
टैरिफ घोषणा के तुरंत बाद यूरोपीय संघ ने ब्रसेल्स में आपात बैठक बुलाई। EU अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला “एकतरफा और व्यापार समझौतों के खिलाफ” है। बैठक में जवाबी कदमों, WTO में शिकायत और कूटनीतिक दबाव बढ़ाने जैसे विकल्पों पर चर्चा की जा रही है।
वैश्विक बाजारों पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह व्यापार तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक बाजारों में अस्थिरता आ सकती है। यूरोपीय शेयर बाजारों में शुरुआती गिरावट देखी गई, जबकि अमेरिकी डॉलर में हल्की मजबूती दर्ज की गई।