नई दिल्ली, 6 फरवरी 2026 — भारत की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा एवं रिफाइनिंग कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने वेनेज़ुएला से करीब 20 लाख बैरल (2 मिलियन बैरल) कच्चा तेल खरीदने का एक महत्वपूर्ण सौदा किया है। यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कंपनी की सक्रिय रणनीति का हिस्सा है, जिससे वह तेल आपूर्ति में विविधता लाने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अपनी स्थिति मजबूती से बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
सौदे का विवरण
- रिलायंस ने यह तेल ट्रेडिंग हाउस Vitol से खरीदा है, जो अप्रैल 2026 में डिलीवरी के लिए भेजा जाएगा।
- इस सौदे में खरीदा गया तेल ICE ब्रेंट क्रूड की कीमत से लगभग $6.5–$7 प्रति बैरल कम छूट पर था, जिससे यह व्यापारिक रूप से आकर्षक साबित हुआ।
- यह वेनेज़ुएला से रिलायंस की पहली बड़ी खरीद है लगभग एक साल के लंबे अंतराल के बाद।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य
रिलायंस का यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार की बदलती परिस्थितियों और राजनैतिक बदलावों को दर्शाता है:
- अमेरिका द्वारा वेनेज़ुएला के तेल व्यापार के लिए प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद ही यह व्यापार संभव हुआ है।
- कुछ विश्लेषकों के अनुसार, भारत अन्य स्रोतों से तेल खरीदकर रूस पर निर्भरता को धीरे-धीरे कम करने की दिशा में भी कदम उठा रहा है, हालांकि रूस से तेल आयात पूरी तरह खत्म होना अभी आसान नहीं है।
रणनीतिक और आर्थिक महत्व
इस सौदे से कई रणनीतिक फायदे जुड़ते हैं:
- वेनेज़ुएला का भारी क्रूड तेल भारतीय रिफाइनरियों के लिए अक्सर आकर्षक होता है क्योंकि यह भारी और कम कीमत वाला होता है।
- विविध स्रोतों से कच्चे तेल की खरीद से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होती है और वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम कम होता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की प्रतिक्रिया
कंपनी ने सौदे पर टिप्पणी नहीं की है, लेकिन ट्रेडर Vitol ने भी आधिकारिक बयान देने से इनकार किया है।