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नई दिल्ली/चंडीगढ़ | 31 दिसंबर 2025
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब में मनरेगा सहित कई केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है, जिससे पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं पहुंच पा रहा है।
मनरेगा पर सीधे आरोप
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, मनरेगा के तहत जारी धनराशि और काम की वास्तविक स्थिति में भारी अंतर सामने आया है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में फर्जी जॉब कार्ड, अधूरे कार्यों के बावजूद भुगतान और रिकॉर्ड में गड़बड़ियों की शिकायतें मिली हैं। चौहान ने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो केंद्र सरकार विशेष जांच कराएगी।
अन्य योजनाएं भी जांच के घेरे में
मनरेगा के साथ-साथ ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी अन्य योजनाओं में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। मंत्री ने दावा किया कि योजनाओं की मूल भावना—गरीब और ग्रामीण जनता को सीधा लाभ—भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है।
पंजाब की राजनीति में बढ़ा टकराव
इन आरोपों के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है। सत्तारूढ़ दल ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है, जबकि विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा केंद्र-राज्य संबंधों और आगामी चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है।
आगे क्या?
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि आरोप सही पाए गए, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित पक्षों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।