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रायपुर, 3 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में शुक्रवार (3 जनवरी 2026) को एक अहम कानूनी घटनाक्रम सामने आया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे को अदालत ने जमानत दे दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद राज्य की राजनीति और जांच एजेंसियों की कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।
क्या है शराब घोटाला मामला
बताया जा रहा है कि यह कथित शराब घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच राज्य में लागू शराब नीति से जुड़ा है। आरोप है कि शराब की खरीद, बिक्री और सप्लाई चेन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं, जिससे सरकारी खजाने को भारी राजस्व नुकसान हुआ। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियां कर रही हैं।
कोर्ट का आदेश
3 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखना आवश्यक नहीं है। इसी आधार पर कोर्ट ने कुछ सख्त शर्तों के साथ जमानत मंजूर की और जांच में पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
जमानत मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे “कानून और संविधान की जीत” बताया, जबकि विपक्षी दलों ने कहा कि जांच अभी जारी है और सच्चाई सामने आना बाकी है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह मामला 2026 के चुनावी माहौल में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
आगे की कार्रवाई
जांच एजेंसियों के अनुसार, घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों और वित्तीय लेन-देन की जांच जारी रहेगी। कोर्ट से मिली जमानत को अंतरिम राहत माना जा रहा है, जबकि अंतिम फैसला आने में अभी समय लग सकता है।