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नई दिल्ली / कटक, 6 मार्च 2026:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद (Left Wing Extremism) को पूरी तरह खत्म करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की रणनीति के कारण देश जल्द ही नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो जाएगा।
CISF कार्यक्रम में दिया बयान
अमित शाह ने यह बयान ओडिशा के कटक में CISF (Central Industrial Security Force) के 57वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई से नक्सली संगठनों की ताकत काफी कमजोर हो चुकी है और सरकार ने इस समस्या के पूर्ण समाधान के लिए स्पष्ट समय सीमा तय की है।
उन्होंने कहा कि कभी नक्सलियों का लक्ष्य आंध्र प्रदेश के तिरुपति से नेपाल के पशुपतिनाथ तक तथाकथित “रेड कॉरिडोर” बनाना था, लेकिन सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने इस योजना को लगभग समाप्त कर दिया है।
नक्सल प्रभावित जिलों में आई बड़ी कमी
सरकार के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी गिरावट आई है। पहले देश के 126 से अधिक जिले नक्सल हिंसा से प्रभावित थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर करीब 11 जिलों तक सीमित रह गई है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र, विशेष रूप से बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जैसे इलाकों में सुरक्षा बलों ने कई बड़े ऑपरेशन चलाए हैं, जिनमें कई नक्सलियों के मारे जाने या आत्मसमर्पण करने की खबरें सामने आई हैं।
नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील
अमित शाह ने नक्सली संगठनों से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट आएं। सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास और विकास योजनाओं की भी व्यवस्था की है।
विकास और सुरक्षा पर जोर
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, मोबाइल नेटवर्क, बिजली और रोजगार जैसी सुविधाओं को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना है कि विकास और मजबूत सुरक्षा रणनीति के जरिए ही इस समस्या को स्थायी रूप से खत्म किया जा सकता है।
निष्कर्ष:
सरकार ने स्पष्ट रूप से लक्ष्य तय किया है कि 31 मार्च 2026 तक भारत को नक्सलवाद से मुक्त बनाया जाए। सुरक्षा बलों के लगातार ऑपरेशन, आत्मसमर्पण नीति और विकास योजनाओं के जरिए इस लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश की जा रही है।