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नई दिल्ली, 13 मार्च 2026: पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता दिखाते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 मार्च 2026 को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की और क्षेत्र में बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष, नागरिकों की मौत और नागरिक बुनियादी ढांचे को हो रहे नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति, स्थिरता और संवाद के माध्यम से विवादों के समाधान का समर्थन करता है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर जोर
इस बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। साथ ही उन्होंने ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक मार्गों के सुरक्षित संचालन की आवश्यकता पर भी बल दिया, क्योंकि पश्चिम एशिया भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान में हजारों भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जिनमें छात्र, पेशेवर और तीर्थयात्री शामिल हैं। भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठा रही है।
संवाद और कूटनीति से समाधान की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से कहा कि मौजूदा संकट का समाधान सैन्य टकराव के बजाय संवाद और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयासों का समर्थन करेगा।
भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच भारत लगातार क्षेत्रीय देशों के साथ संपर्क बनाए हुए है। हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी ईरान के विदेश मंत्री से बातचीत कर क्षेत्रीय हालात और सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की थी।