प्योंगयांग, 23 फरवरी, 2026: उत्तर कोरिया (डेमोक्रैटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया) में सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की नौवीं कांग्रेस के दौरान देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन को पार्टी के जनरल सेक्रेटरी के पद पर फिर से चुना गया — यह फैसला देश की राजनीति में बड़े बदलाव और केंद्र में उनके गहरे नियंत्रण को दर्शाता है।
देश के अखबारों और सरकारी मीडिया के मुताबिक, लगभग 5,000 प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से किम के नेतृत्व पर भरोसा जताया और उन्हें अगले पांच साल के लिए पार्टी के शीर्ष पद पर बनाए रखा गया। इससे पहले कई महीनों से चल रही उत्तराधिकार और शक्ति परिवर्तन की अटकलों पर भी विराम लगा है।
मुख्य बिंदु
- किम जोंग उन का पुनर्निर्वाचन: किम को पार्टी का जनरल सेक्रेटरी चुना गया है, जिससे उनकी सत्ता की स्थिरता और दायरे में वृद्धि हुई है।
- कार्य और जिम्मेदारी: प्रतिनिधियों ने उन्हें पार्टी, सरकार और जनता के “विश्वास और समर्थन” के लिए सराहा, खासकर परमाणु हथियारों के विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति में उनकी भूमिका को प्रमुख बताया गया है।
- पार्टी नेतृत्व में बदलाव: कांग्रेस में सेंट्रल कमिटी के नए सदस्यों के चुनाव और नियमों में संशोधन भी किए गए हैं, जबकि कुछ वरिष्ठ पार्टी और सैन्य अधिकारी पीछे हटते दिखे हैं — जिससे एक संभावित शक्ति पुनर्संयोजन का संकेत मिलता है।
- आर्थिक और बाहरी रणनीति: किम ने कांग्रेस में कहा कि पिछले पांच वर्षों में देश ने आर्थिक मंदी पर काबू पाया और “महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ” हासिल की हैं, साथ ही पार्टी को भविष्य के विकास लक्ष्यों को हासिल करने का आह्वान किया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ और विश्लेषण
चीन समेत कई साथी देशों ने किम की नई जिम्मेदारी पर बधाई दी है, जो Pyongyang और बीजिंग के बीच डायप्लोमैटिक सहयोग को और मजबूत करने का संकेत देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह पुनर्निर्वाचन न केवल किम की सत्ता को मज़बूत करता है, बल्कि उत्तर कोरिया की लंबी अवधि की नीति और शक्ति संरचना में संभावित बदलावों को भी रेखांकित करता है। कुछ विदेशी विशेषज्ञ भविष्य में किम के परिवार के अंदरूनी शिखर पर राजनैतिक उत्तराधिकार को लेकर भी अटकलें लगा रहे हैं।