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नई दिल्ली/वाशिंगटन: अमेरिका और भारत के बीच लंबे समय से चर्चा में चल रही व्यापार समझौता (India-US Trade Deal) फिलहाल अटक गया है और इस मामले को लेकर अमेरिका के अंदर नई राजनीतिक उथल-पुथल सामने आई है। ताज़ा लीक ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज़ ने खुलासा किया है कि इस समझौते को रोकने में अमेरिका के कुछ शीर्ष नेताओं की भूमिका रही।
लीक ऑडियो में क्या कहा गया?
लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग में, जो कथित तौर पर एक निजी फोन कॉल की है, टेड क्रूज़ ने बताया कि वे व्हाइट हाउस के साथ India-US Trade Deal को पक्का करने के लिए लड़ रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि समझौता क्यों अटका है, तो उन्होंने कहा कि इसके पीछे कई उच्च-स्तरीय प्रशासनिक हस्तियां हैं:
- उपराष्ट्रपति JD वैंस
- व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो
- और कभी-कभी खुद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इसमें शामिल रहे।
क्रूज़ का कहना है कि ये नेता उस वार्ता को आगे बढ़ने नहीं दे रहे हैं, जिससे बड़ी व्यापार डील में देरी हो रही है और अमेरिका-भारत के बीच प्रस्तावित समझौता ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।
तनाव के बीच व्यापार नीति
इस ताज़ा खुलासे के बीच दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता महीनों से जारी है लेकिन कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। अमेरिका ने भारत से आयातित सामानों पर लगभग 50% तक टैरिफ (आयात शुल्क) लगा रखा है, जिससे व्यापारिक तनाव और बढ़ा है।
विश्लेषकों के मुताबिक यह लीक ऑडियो अमेरिका की अंदरूनी राजनीतिक दरारों को भी उजागर करता है, जहाँ कुछ रिपब्लिकन सांसद ट्रेड-फ्रेंडली नीतियों की वकालत कर रहे हैं जबकि प्रशासन के कुछ हिस्से प्रोटेक्शनिस्ट रवैये को प्राथमिकता दे रहे हैं।
भारत-यूएस रिश्तों पर असर
भारत-अमेरिका के बीच व्यापार और निवेश संबंधों में यह घटनाक्रम वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर भी प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि दोनों देशों का व्यापार वर्षों से बढ़ रहा है। समझौता अटकने से व्यापारिक आशाएँ और टैरिफ बोझ दोनों ही मुद्दे पर चिंता बढ़ी है।