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दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका को 15 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचिबद्ध किया है। उच्च न्यायालय ने पहले निचली अदालत के 20 जून के आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसके तहत केजरीवाल को मामले में जमानत दी गई थी। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा, जिन्हें याचिका पर सुनवाई करनी थी, उन्हें ईडी के वकील ने सूचित किया कि जांच एजेंसी को उसकी अर्जी पर केजरीवाल के जवाब की प्रति मंगलवार देर रात 11 बजे ही मिली और ईडी को प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए कुछ समय की जरूरत है।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने प्रति पढ़ने के लिए समय मांगा
वहीं, केजरीवाल के वकील ने दावा किया कि मामले के जांच अधिकारी (आईओ) को दोपहर 1 बजे जवाब की प्रति सौंप दी गई थी। केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने अदालत के सामने मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सुनवाई के लिए निश्चित समय निर्धारित किया जाना चाहिए, क्योंकि मामले में अत्यधिक तात्कालिकता है। हालांकि, ईडी की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दलील दी कि जांच एजेंसी को मंगलवार देर रात को ही केजरीवाल के जवाब की प्रति मिली है और उन्हें जवाब पढ़ने तथा प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए कुछ समय की जरूरत है।
ED मामले की सुनवाई को लटकाना चाहती है
राजू ने कहा कि दस्तावेज मामले में पैरवी कर रहे वकील को सौंपे जाने चाहिए, न कि जांच अधिकारी को। ईडी की दलील का विरोध करते हुए केजरीवाल के वकील ने अदालत से बुधवार को ही याचिका पर सुनवाई करने का अनुरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी मामले की सुनवाई को लटकाना चाहती है। हालांकि, उच्च न्यायालय ने कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि ईडी को जवाब की प्रति मंगलवार को मिली और उसे इस पर प्रत्युत्तर दाखिल करना है। अदालत ने ईडी को प्रत्युत्तर दाखिल करने के वास्ते समय देते हुए याचिका को 15 जुलाई को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
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