मुंबई, 26 जुलाई 2025: मलाड पश्चिम, मालवणी गेट नंबर 8 में स्थित मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसाइटी के अध्यक्ष बालासाहेब भगत के खिलाफ गंभीर आरोपों ने स्थानीय निवासियों और मीडिया का ध्यान खींचा है। एक ऑटो रिक्शा चालक से शुरूआत करने वाले भगत पर आरोप है कि उन्होंने 14 वर्षों तक सोसाइटी के अध्यक्ष पद का दुरुपयोग कर न केवल लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितताएं कीं, बल्कि कई संपत्तियों के मालिक भी बन गए। इनमें मुंबई में दो से अधिक फ्लैट, मालवणी के अंबोजवाडी में एक घर और गांव में एक फार्महाउस शामिल हैं। स्थानीय लोगों और सोसाइटी सदस्यों ने सवाल उठाया है कि एक ऑटो रिक्शा चालक इतनी संपत्ति का मालिक कैसे बन सकता है?
- 33 लाख रुपये के फेडरेशन फंड का दुरुपयोग?
मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसाइटी के तहत गठित फेडरेशन द्वारा 33 लाख रुपये से अधिक की राशि एकत्र की गई थी। लेकिन जब मीडिया ने इस फंड के उपयोग पर सवाल उठाए, तो फेडरेशन के अध्यक्ष बालासाहेब भगत कोई संतोषजनक जवाब देने में विफल रहे। सोसाइटी के कुछ सदस्यों का आरोप है कि इस राशि का दुरुपयोग किया गया है। निवासियों का कहना है कि फेडरेशन के खर्चों का कोई पारदर्शी हिसाब-किताब उपलब्ध नहीं है, जिससे भ्रष्टाचार और गबन की आशंका बढ़ गई है।
- म्हाडा की मेहरबानी या कुछ और?
सोसाइटी के रूम मालिकों ने यह भी सवाल उठाया है कि भगत को म्हाडा (महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) से कई फ्लैट कैसे मिले। आरोप है कि भगत ने अपने प्रभाव और पद का इस्तेमाल कर नियमों को ताक पर रखकर संपत्तियां अर्जित कीं। इसके अलावा, मालवणी के अंबोजवाडी में उनका एक घर और गांव में फार्महाउस होने की बात ने संदेह को और गहरा कर दिया है।
- आयकर विभाग और ईडी की जांच की मांग
स्थानीय निवासियों और सोसाइटी सदस्यों ने आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से इस मामले की गहन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि भगत की संपत्तियों और फेडरेशन के फंड के कथित दुरुपयोग की जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आए। आयकर विभाग की हालिया कार्रवाइयों, जैसे कि बेनामी संपत्तियों और फर्जी चंदे के मामलों में की गई छापेमारी, से प्रेरित होकर निवासियों को उम्मीद है कि इस मामले में भी सख्त कार्रवाई होगी।
- “लोकतंत्र में पारदर्शिता जरूरी”
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने कहा, “यह केवल एक सोसाइटी का मामला नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे सत्ता और प्रभाव का दुरुपयोग कर आम लोगों के हक को दबाया जाता है। आयकर विभाग और ईडी को तुरंत इस मामले की जांच शुरू करनी चाहिए।” निवासियों का कहना है कि अगर इस तरह के मामले अनदेखे रहे, तो यह भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा और आम लोगों का विश्वास व्यवस्था से उठ जाएगा।
वित्तीय अपराधों के विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भगत की संपत्तियों का स्रोत संदिग्ध है, तो यह बेनामी संपत्ति अधिनियम 1988 और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच का विषय हो सकता है। ईडी, जो ऐसी संपत्तियों की जांच और जब्ती के लिए अधिकृत है, इस मामले में कार्रवाई कर सकती है। साथ ही, आयकर विभाग की धारा 80GGC के तहत फर्जी दावों की जांच की हालिया कार्रवाइयां इस मामले में भी लागू हो सकती हैं, अगर फंड के दुरुपयोग में कोई वित्तीय अनियमितता पाई जाती है।
सोसाइटी के एक रूम मालिक, सिराज ने कहा, “हम मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, लेकिन हमारे ही पैसे का गबन हो रहा है। यह शर्मनाक है कि एक ऑटो रिक्शा चालक इतनी संपत्ति का मालिक कैसे बन गया? हम चाहते हैं कि सरकार इसकी जांच करे और दोषियों को सजा दे।”
मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसाइटी घोटाले ने न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि पूरे मुंबई में चर्चा का विषय बन गया है। यह मामला एक बार फिर सत्ता के दुरुपयोग और वित्तीय पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है। अगर आयकर विभाग और ईडी इस मामले में कार्रवाई करते हैं, तो यह न केवल मालवणी के निवासियों के लिए बल्कि पूरे देश में ऐसी अनियमितताओं के खिलाफ एक मजबूत संदेश होगा।
नोट: यह खबर स्थानीय निवासियों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। जांच एजेंसियों से अपील है कि इस मामले की तह तक जाकर सच सामने लाएं।
यदि आपके पास इस मामले से संबंधित कोई अतिरिक्त जानकारी है, तो कृपया स्थानीय प्रशासन या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।
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