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मुंबई: मुंबई के मालाड (पश्चिम) क्षेत्र से प्रशासन और भू-माफियाओं के बीच कथित मिलीभगत का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भदरण नगर की ‘कोयला वाली गली’ में रेलवे ट्रैक के पास नियमों को ताक पर रखकर बनाया गया अवैध निर्माण आज भी सीना ताने खड़ा है, जबकि इसे हटाने का नोटिस एक साल पहले ही जारी किया जा चुका था।
1. एक साल पहले मिला था नोटिस, पर कार्रवाई ‘शून्य’
हैरानी की बात यह है कि बीएमसी (BMC) ने इस अवैध निर्माण के खिलाफ 21 मई 2025 को ही नोटिस जारी किया था। नियमानुसार, नोटिस की अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए थी। लेकिन आज, लगभग एक साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य न केवल सुरक्षित है, बल्कि फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भू-माफिया कर्सन के रसूख के आगे बीएमसी के अधिकारी पंगु बन गए हैं।
2. भाजपा के ‘गढ़’ में माफिया राज?
मालाड का यह क्षेत्र (वॉर्ड 35) राजनीतिक रूप से सत्ता पक्ष का मजबूत किला माना जाता है:
सांसद: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल।
नगरसेवक: भाजपा के योगेश वर्मा।
जनता का सवाल है कि जहाँ केंद्र और राज्य दोनों जगह ‘डबल इंजन’ की सरकार है और स्थानीय नेतृत्व भी प्रभावशाली है, वहाँ एक माफिया कैसे सरेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहा है? आरोप है कि सांसद पीयूष गोयल और नगरसेवक योगेश वर्मा को इस मामले की पूरी जानकारी होने के बावजूद, उनकी तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
3. शिकायतकर्ता पर जानलेवा हमला: रसूख का खौफनाक चेहरा
इस मामले का सबसे काला पक्ष यह है कि जो लोग इस अवैध निर्माण के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। हाल ही में एक शिकायतकर्ता पर जानलेवा हमला भी हुआ। इसके बावजूद मालाड पुलिस की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है, जहाँ FIR दर्ज करने में भी कथित तौर पर हीला-हवाली की गई।
4. स्थानीय जनता में भारी आक्रोश
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की यह ‘मौन सहमति’ लोकतंत्र के लिए घातक है। लोगों का मानना है कि अधिकारी कुंदन वाल्वी जैसे लोगों के संरक्षण में यह खेल चल रहा है।
निष्कर्ष: यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द ही ‘कर्सन’ जैसे तत्वों पर नकेल नहीं कसी और इस अवैध निर्माण को नहीं ढहाया, तो आने वाले समय में यहाँ की जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। क्या मुख्यमंत्री और गृह मंत्रालय इस गुंडागर्दी पर संज्ञान लेंगे?