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Rent Price Hike: अगर आप भी नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बेंगलुरु में जॉब करते हैं तो यह खबर आपकी जेब का बोझ बढ़ाने वाली है. इन शहरों के रेंट में कई गुना वृद्धि देखी जा रही है. यहां रहना अब काफी महंगा हो रहा है. यहां पर डिमांड तो बढ़ रही है लेकिन आपूर्ति में बेहद मामूली वृद्धि हो रही है.
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बेंगलुरु जैसे 13 शहरों के घरों और फ्लैट्स के किराए में साल-दर-साल करीब 16 प्रतिशत तक की वृद्धि हो गई है. इसमें से गुरुग्राम, बेंगलुरु और ग्रेटर नोएडा व नोएडा जैसे शहरों के किराए में जबरदस्त वृद्धि देखी जा ररही है.
यहां पर कॉरपोरेट इंप्लाइज तो बढ़े हैं, लेकिन रहने की जगहों में अधिक वृद्धि नहीं हुई है. एक प्राइवेट फर्म द्वारा किए गए सर्वे में यह बात सामने आई है कि ग्रेटर नोएडा में रेंट में 32.1 प्रतिशत की हाइक देखी गई है. वहीं, गुरुग्राम और बेंगलुरु में करीब 24.5 और 23.7 प्रतिशत की हाइक देखी गई है.
डिमांड बढ़ी पर सप्लाई नहीं
फर्म ने 2 करोड़ से अधिक कस्मर्स पर एनालिसिस करके तैयार की रिपोर्ट में बताया कि प्रति माह 10000 से 30000 रुपये तक किराए के रूम या फ्लैट की मांग ज्यादा देखी गई है. यह कुल मांग का 42 प्रतिशत थी. वहीं, मार्च तिमाही के अनुसार चेन्नई नवी मुंबई और नोएडा में किराए की मांग सबसे ज्यादा रही है. किराए की डिमांड में तो वृद्धि देखी गई है, लेकिन आपूर्ति में मामूली वृद्धि हुई है. यह वृद्धि केवल 1.8 प्रतिशत ही है.
साल 2020 से पहले भारत में रहने के लिए रेजिडेंशिल रेंट में वृद्धि केवल 3 प्रतिशत ही थी. वहीं, 2022 के बाद से जैसे-जैसे ऑफिस खुले और कॉपोरेट्स के लोग बढ़े तो मकान मालिकों ने भी रेंट में इजाफा कर दिया.
जारी रहेगी किराए में वृद्धि
एक्सपर्ट्स के मुताबिक शहरों के मकानों का किराया बढ़ने से रियल एस्टेट बाजार में भी बदलाव की संभावना है. इसके साथ ही वर्क फ्रॉम होम का बंद होना और कॉरपोरेट्स के बदलते स्वरूप को देखते हुए लगता है कि अब किराए में वृद्धि जारी रहेगी और मकान मालिकों व किराएदारों को इसके अनुरूप ही खुद को ढालना पड़ेगा. इसके साथ ही डिमांड बढ़ने पर आपूर्ति बढ़ाने पर भी ध्यान देना होगा. जिससे किरायेदारों को आवास के विकल्प मिल सकें.
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