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मुम्बई

अवैध पार्किंग ने फायर ब्रिगेड का रास्ता रोका, ट्रैफिक पुलिस ने MHADA की शिकायत पर कार्रवाई से इनकार!

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कांदिवली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सतीश राउत को पद से हटाया जाए..

मुंबई, 26 सितंबर 2025 (विशेष संवाददाता): मुंबई के मलाड पश्चिम सामना नगर मालवाणी गेट नं 8 पर अवैध पार्किंग का मामला अब जानलेवा साबित हो रहा है। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने स्थानीय ट्रैफिक विभाग को शिकायत दर्ज कराई कि उनके आवासीय कॉम्प्लेक्स के आसपास सड़क के दोनों ओर वाहनों को पार्क करके लॉक कर दिया गया है। इससे न केवल ट्रैफिक जाम हो रहा है, बल्कि किसी दुर्घटना या आग लगने पर फायर ब्रिगेड को अंदर पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। चौंकाने वाली बात यह है कि शिकायत के बावजूद कांदिवली ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई करने से साफ मना कर दिया है।

MHADA अधिकारियों ने बताया कि यह समस्या कई दिनों से चली आ रही है। “हमारे कॉम्प्लेक्स के मुख्य रास्ते पर वाहन मालिकों ने ऑटो रिक्शा व कार लगाकर पार्किंग की है, जिससे इमरजेंसी वाहनों का प्रवेश असंभव हो गया है। फायर सेफ्टी नियमों के मुताबिक, बिल्डिंग के आसपास न्यूनतम एक तरफ खुला रास्ता होना अनिवार्य है, लेकिन यहां तो दोनों तरफ ब्लॉकेज है। अगर कोई हादसा हुआ, तो सैकड़ों परिवार खतरे में पड़ जाएंगे,” एक MHADA अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा।

1. क्या पार्किंग से फायर ब्रिगेड का एक्सेस ब्लॉक होना गंभीर समस्या है?

  • हाँ, यह एक गंभीर सुरक्षा खतरा है। मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में, अवैध पार्किंग (खासकर सड़क के दोनों तरफ लॉक करके) न केवल ट्रैफिक को बाधित करती है, बल्कि इमरजेंसी वाहनों जैसे फायर ब्रिगेड को पहुंचने में बाधा डाल सकती है। अगर कोई दुर्घटना या आग लगी, तो देरी से जान-माल का नुकसान हो सकता है।
  • महाराष्ट्र फायर सर्विस और यूनिफाइड डेवलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेगुलेशंस (UDCPR) 2020 के तहत, बिल्डिंग के आसपास फायर टेंडर के लिए न्यूनतम एक्सेस रास्ता (कम से कम एक तरफ) अनिवार्य है। इसमें रिफ्यूज एरिया और पार्किंग की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि इमरजेंसी में रास्ता साफ रहे।

ट्रैफिक विभाग कार्रवाई क्यों कर सकता है?

  • मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के सेक्शन 194: इमरजेंसी वाहनों (जैसे फायर ब्रिगेड) को रास्ता न देने या ब्लॉक करने पर जुर्माना लगता है। महाराष्ट्र में यह जुर्माना अब ₹1,000 तक कम कर दिया गया है (पहले ₹10,000 था), लेकिन कार्रवाई अनिवार्य है। अवैध पार्किंग के लिए भी ₹500 का जुर्माना है, अगर यह ट्रैफिक फ्लो बाधित करे।
  • मुंबई ट्रैफिक पुलिस नियम: अवैध पार्किंग, नो-पार्किंग जोन में पार्किंग, या फायर हाइड्रेंट/रास्ते के सामने पार्किंग पर सख्ती बरतनी पड़ती है। BMC (बृहन्मुंबई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन) चीफ ने हाल ही में (जुलाई 2025) निर्देश दिए हैं कि अगर वाहन फायर ब्रिगेड के रास्ते में बाधा डालें, तो वाहन मालिक के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज की जाए।
  • ट्रैफिक पुलिस का कर्तव्य है कि ऐसी शिकायतों पर तुरंत जांच करे, वाहनों को हटाए, और जरूरत पड़ने पर टोइंग या जुर्माना लगाए। MHADA जैसी सरकारी संस्था की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

3. क्या ट्रैफिक विभाग “नियम के तहत” कार्रवाई से मना कर सकता है?

नहीं, ऐसा कोई नियम नहीं है जो उन्हें कार्रवाई से मना करने की अनुमति दे। ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी है कि शिकायत मिलने पर एक्शन लें। अगर वे मना कर रहे हैं, तो संभवतः यह प्रशासनिक लापरवाही, संसाधनों की कमी, या स्थानीय दबाव (जैसे रेजिडेंट्स का विरोध) हो सकता है। लेकिन कानूनन, वे बाध्य हैं:

  • शिकायत दर्ज करें।
  • साइट इंस्पेक्शन करें।
  • वाहनों को हटाने का आदेश दें।

अगर वे मना करते हैं, तो यह RTI (राइट टू इंफॉर्मेशन) के तहत पूछा जा सकता है कि किस आधार पर कार्रवाई नहीं हो रही।

यह मुद्दा सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए जल्दी कार्रवाई जरूरी है। अगर आपके पास शिकायत की कॉपी या विभाग का जवाब है, तो और डिटेल्स शेयर करें—मैं और मदद कर सकता हूं। सुरक्षित रहें!

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