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वाराणसी/संसद वाणी : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है यह दिन उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा होता है और योग मनुष्य को दीर्घायु बनता है 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र के 177 सदस्यों द्वारा 21जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली ।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के बिड़ला बी छात्रावास के वार्डन और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पर्यटन विभाग के अध्यापक डॉ प्रवीण राणा से बात करने पर उन्होंने बताया कि जैसा की सभी लोग जानते है की 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है मुझे इस हॉस्टल के बच्चों के साथ मानने का ये उद्देश्य रहा कि हम सभी लोग योग दिवस मनाते हैं परती मैं इन बच्चों को जागृत करने का लिए इस बार हम लोगों ने बिड़ला हास्टल को चुना है आगे बात करने पर उन्होंने बताया कि योग’ शब्द संस्कृत मूल ‘युज’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है ‘जुड़ना’ या ‘जोड़ना’ या ‘एकजुट होना’। योग शास्त्रों के अनुसार योग का अभ्यास व्यक्तिगत चेतना को सार्वभौमिक चेतना के साथ जोड़ता है, जो मन और शरीर, मनुष्य और प्रकृति के बीच पूर्ण सामंजस्य का संकेत देता है।”
इसी कड़ी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डॉ अनिल कुमार सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि जो इस बार का थीम है की ’’खुद के लिए योग और समाज के लिए योग ’’इसी को लेकर हम लोग समाज को लेकर और बच्चों की जागरूक करने के यह कार्यक्रम बच्चों के साथ किया गया है। आगे बात करने पर उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण ने भी बताया की कार्य की कुशलता ही योग है और पतंजलि योग सूत्र जो कहता है की मन की जो वृत्तियां है या मन में जितनी भी बुरी चीजे हैं उसको दूर करने का माध्यम सिर्फ योग है योग से मनुष्य का सर्वांगीण विकास संभव है । योग शब्द संस्कृत शब्द “युज” से निकला है, जिसका अर्थ है “जोड़ना” या “एकजुट करना”, तथा यह मन, शरीर और आत्मा में सामंजस्य लाने के दर्शन का प्रतीक है। यह केवल शारीरिक आसनों से कहीं अधिक है, क्योंकि यह स्वास्थ्य के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण है, जो श्वास व्यायाम, ध्यान और नैतिक सिद्धांतों को एकीकृत करता है।
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