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Politics News: एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान को गलत ठहराया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि 1951 से 2011 के बीच भारत में मुस्लिम आबादी में 24.6% की वृद्धि हुई है, जबकि हिंदू आबादी में 4.5% की कमी आई है। ओवैसी ने शाह के इस दावे को “गलत जानकारी” करार दिया और कहा कि सेंसर रिकॉर्ड्स के मुताबिक, मुस्लिम आबादी का अनुपात केवल 4.4% अंक से बढ़ा है, जो 1951 में 9.8% से 2011 में 14.2% हो गया।
ओवैसी ने एक वीडियो क्लिप में कहा कि शाह का यह बयान एनपीआर-एनआरसी लागू करने की आड़ में मुस्लिमों के धार्मिक और नागरिक अधिकारों को खत्म करने की कोशिश है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह वृद्धि किसी “विस्फोट” को नहीं दर्शाती, बल्कि यह एक सामान्य जनसंख्या वृद्धि है।
शाह ने 10 अक्टूबर, 2025 को ‘दैनिक जागरण’ द्वारा आयोजित ‘नरेंद्र मोहन मेमोरियल लेक्चर’ में ‘घुसपैठ, जनसंख्या परिवर्तन और लोकतंत्र’ पर बोलते हुए ये टिप्पणियां की थीं। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम आबादी में वृद्धि घुसपैठ के कारण हुई है, न कि जन्म दर के कारण।
सोशल मीडिया पर ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं। उनके समर्थकों ने सेंसर डेटा का हवाला देकर शाह के बयान को भय फैलाने की रणनीति बताया, जबकि आलोचकों ने ओवैसी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और सीमा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की मांग की।
यह बहस देश की जनसंख्या नीतियों और राजनीतिक बयानबाजी के बीच जारी है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने दावों को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
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