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Delhi News: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक तस्वीर बहुत तेजी से वायरल हो रही है. इस तस्वीर में भारत और चीन के स्टार्टअप्स की तुलना की गई है. इसमें दिखाया गया है कि भारत में ज़्यादातर स्टार्टअप्स फूड डिलीवरी ऐप, आइसक्रीम, कुकीज और इंस्टेंट डिलीवरी जैसे काम कर रहे हैं, जबकि चीन के स्टार्टअप्स ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल), सेमीकंडक्टर, एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), रोबोटिक्स और डीप टेक जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दे रहे हैं. इस तस्वीर को लेकर अब सरकार की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है.
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को भारतीय स्टार्टअप ग्रुप्स से कहा कि वे अब ग्रोसरी डिलीवरी और आइसक्रीम बनाने से आगे बढ़ें. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि स्टार्टअप्स सेमीकंडक्टर, मशीन लर्निंग, एआई, रोबोटिक्स जैसे उन्नत क्षेत्रों में काम करें. उन्होंने सवाल किया, “क्या हम डिलीवरी बॉय बनकर ही खुश रहेंगे? क्या यही भारत की दिशा है? ये स्टार्टअप नहीं, सिर्फ कारोबार है. दूसरी ओर देखिए, चीन जैसे देश रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, 3D मैन्युफैक्चरिंग और भविष्य की फैक्ट्रियों पर काम कर रहे हैं.”
पीयूष गोयल ने कहा कि नए स्टार्टअप्स को भारत को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में काम करना चाहिए. उन्होंने पूछा, “क्या हमें सिर्फ आइसक्रीम और चिप्स बनाने पर ही ध्यान देना चाहिए?” इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में कंटेंट क्रिएटर्स से भी अपील की थी कि वे जिम्मेदार और नए आइडियाज पर काम करें. उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म निर्माण, संगीत, गेमिंग और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों से भारत की निर्यात आय बढ़ाई जा सकती है.
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया की शुरुआत की थी, जिसका मकसद यह था कि देश के हर कोने में नए उद्यमियों, स्टार्टअप्स और कंटेंट क्रिएटर्स को आगे बढ़ने का मौका मिले.
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