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फ्रांस ने अमेरिका के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है। हालिया बयान में फ्रांसीसी नेतृत्व ने कहा कि वाशिंगटन के कुछ हालिया फैसलों और रवैये से पेरिस में गहरी नाराज़गी है और यह रुख दोनों देशों के पारंपरिक सहयोग की भावना के अनुरूप नहीं है।
फ्रांस का कहना है कि वह लंबे समय से फ्रांस और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी, सुरक्षा सहयोग और बहुपक्षीय कूटनीति को मज़बूत करने का समर्थक रहा है। लेकिन हाल के घटनाक्रमों में परामर्श की कमी और एकतरफा निर्णयों ने विश्वास को ठेस पहुंचाई है।
क्या है आपत्ति की वजह?
राजनयिक सूत्रों के अनुसार, फ्रांस को कुछ रक्षा और विदेश नीति से जुड़े अमेरिकी कदमों पर आपत्ति है। पेरिस का मानना है कि ऐसे निर्णयों से यूरोप की सामूहिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संतुलन प्रभावित हो सकता है। फ्रांस ने यह भी संकेत दिया कि सहयोगी देशों के बीच पारदर्शिता और परस्पर सम्मान अनिवार्य है।
कूटनीतिक संदेश
फ्रांस ने जोर देकर कहा कि मतभेदों को संवाद के ज़रिये सुलझाया जाना चाहिए। हालांकि, उसने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ तो वह अपने राष्ट्रीय हितों और यूरोपीय संप्रभुता की रक्षा के लिए स्वतंत्र निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगा।