Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
वॉशिंगटन/तेहरान, 14 मार्च 2026।
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक उन्हें लगे कि इसे समाप्त करने का सही समय आ गया है। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस और चिंताएं पैदा कर दी हैं।
अभियान जारी रखने का संकेत
एक रेडियो इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई समाप्त करने का कोई निश्चित समय तय नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि यह अभियान तब खत्म होगा जब उन्हें “उचित लगे” और जब अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल कर लेगा।
अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि अब तक ईरान के कई सैन्य ठिकानों और मिसाइल भंडारों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है और कई रणनीतिक लक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया है।
खारग द्वीप पर हमला, तनाव और बढ़ा
13 मार्च 2026 को अमेरिका ने फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र खारग द्वीप (Kharg Island) पर बड़ा हवाई हमला किया। अमेरिकी सेना के अनुसार इस हमले में कई सैन्य ठिकाने, मिसाइल भंडार और नौसैनिक सुविधाएं नष्ट की गईं।
हालांकि ईरान ने कहा कि उसकी तेल आपूर्ति व्यवस्था पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है, लेकिन इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
ईरान की चेतावनी
ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसके तेल या सैन्य ढांचे को और नुकसान पहुंचाया गया तो वह क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बना सकता है।
इसके अलावा, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ प्रमुख बंदरगाहों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर संभावित हमलों की भी धमकी दी है।
वैश्विक असर
इस संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर भी दिखाई देने लगा है।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजरानी प्रभावित हो रही है।
- अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
- कई देशों ने अपने नागरिकों को मध्य पूर्व की यात्रा से बचने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व में बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।