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कोलकाता

 कोर्ट ने मानी CBI की डिमांड, सौंपी संदीप घोष की 8 दिन की रिमांड

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सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ने चारों को सोमवार रात को गिरफ्तार किया था. संदीप घोष के अलावा जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था उनमें बिप्लव सिन्हा, सुमन हाजरा, अफसर अली खान शामिल हैं.

Kolkata News: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और तीन अन्य को कॉलेज में हुईं कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में मंगलवार को अलीपुर न्यायधीश कोर्ट में पेश किया गया. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने चारों को आठ दिनों की सीबीआई हिरासत में भेजने का निर्देश दिया है.

सीबीआई ने अदालत से चारों की 10 दिन की रिमांड देने का अनुरोध किया था. जांच एजेंसी ने दावा किया कि वित्तीय भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किए गए संदीप घोष से पूछताछ जरूरी है. साथ ही कहा कि चारों की भूमिका वित्तीय अनियमितता में महत्वपूर्ण है.

बता दें कि सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ने चारों को सोमवार रात को गिरफ्तार किया था. संदीप घोष के अलावा जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था उनमें बिप्लव सिन्हा, सुमन हाजरा, अफसर अली खान शामिल हैं. अब चारों आरोपियों को 10 सितंबर को कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा. इसके अतिरिक्त कोर्ट ने एक आरोपी अफसर अली खान द्वारा दायर की गई जमानत याचिका को भी रद्द कर दिया. हालांकि अन्य आरोपियों ने जमानत की मांग नहीं की.

बता दें कि घोष ने 12 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल पद से इस्तीफा दे दिया था. 9 अगस्त को अस्पताल में हुए ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर के बाद अचानक से दिए उनके इस्तीफे पर सवाल उठने लगे थे जिसके बाद सीबीआई की जांच घोष तक पहुंची.

क्यों गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी

दरअसल, अस्पताल में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जांच की गई थी. चारों पर वित्तीय कदाचार और अस्पताल के संसाधनों का दुरुपयोग करने का आरोप लगा है. एक पुराने वीडियो से पता चला है कि अफसर अली खान कथित तौर पर घोष का बॉडीगार्ड था, वीडियो में वह पूर्व प्रिंसिपल को धमकी दे रहा है. वहीं कॉलेज के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली ने खान पर अस्पताल के बायोमेडिकल कचरे को बेचने का आरोप लगाया है.

संदीप घोष फरवरी 2021 से लेकर सितंबर 2023 तक अस्पताल के प्रिंसिपल थे. अक्टूबर 2023 में उनका ट्रांसफर कर दिया गया था लेकिन अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर उन्होंने एक महीने के अंदर अस्पताल फिर से ज्वॉइन कर लिया. महिला डॉक्टर के रेप-मर्डर के बाद भी वह प्रिंसिपल के पद पर तैनात थे.

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