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मुम्बई

निष्ठा और ईमानदारी क्या होता है, यह सभी को संतोष चव्हाण से सीखना चाहिए।

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मुम्बई/संसद वाणी। सामना नगर मालवाणी गेट नं 8 पर जहां पर कुछ लोग सोसायटी के पद पर बैठकर रूम दलाली करते हैं, वही एक व्यक्ति ने सोसायटी के पद पर बैठकर अपने कर्तव्यों को निष्ठा और ईमानदारी से निभाया है, जी आपने सही सुना, हम बात कर रहे हैं मालवणी ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी के पूर्व सचिव संतोष चव्हाण की, यह व्यक्ति ५ वर्षों तक बिल्डिंग की देखरेख पूरी ईमानदारी से निभाया, जहां पर सोसायटी के पद बैठकर लोग रूम दलाली शुरू कर देते थे, और कई सारे अवैध निर्माण और घपला करके कई सारे रूम के मालिक बन जाते है, आपको बता दें कि सामना नगर मालवाणी गेट नं 8 पर म्हाडा की बिल्डिंग है उसके कुछ लोग कई वर्षों से लगातार पद बैठकर रूम दलाली और संपत्ति पर संपत्ति बनाए जा रहे हैं, वही मालवणी ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी के पद ५ वर्षों तक बैठे संतोष चव्हाण ने अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाया, और आप जान कर हैरान होंगे कि सोसायटी के पद पर बैठकर ना कभी रूम दलाली की और ना ही कोई सोसाइटी के फंड का दुरुपयोग किया, इसलिए आज भी वह एक ही रूम के मालिक है।

आपको बता दें कि संतोष चव्हाण को सोसायटी का पद छोड़े कई वर्ष हो गए हैं, पर उसके बाद भी आज तक कोई अवैध कार्य नहीं किया, वह आज भी वह ईमानदारी से अपने कार्य को निभाते हैं। अब इस युग में कोई संतोष चव्हाण नहीं बनना चाहता है बल्कि सभी बालासाहेब भगत बनना चाहते हैं, अब लोग ऐसा क्यों चाहते हम आपको यह भी बताते हैं, बालासाहेब भगत एक ऑटो रिक्शा चालक है, वह बहुत गरीब थे, और जब से सामना नगर मालवाणी गेट नं 8 पर, उन्हें म्हाडा के लॉटरी में रूम मिला वह सोसायटी के पद बैठ गए और जमकर रूम दलाली की जो रूम मालिक उन्हें अपना रूम ना दे उसे NOC के परेशान कर देना, और आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि बालासाहेब भगत सोसायटी के सचिव पद १० वर्षो तक नियुक्त थे और अभी ४ वर्षों से सोसायटी के अध्यक्ष बने हैं, अब सोसायटी के पद पर लगातार बैठे उन्हें लगभग १४ वर्ष हो गए हैं और वह इन १४ वर्षों में कई सारे अवैध निर्माण और कार्य किए साथ कई संपत्ति के मालिक भी बन गए, अब यह सब देखकर सभी के दिमाग में आता है कि सोसायटी के पद बैठो और बालासाहेब भगत की तरह कई संपत्ति के मालिक बन जाओ, आपको यह भी जान कर हैरानी होगी कि म्हाडा के अधिकारियों को सब पता है पर उन्होंने अपने आंखों पर पट्टी बांध ली है। इसलिए जो भी सोसायटी के पद पर बैठना चाहता वह बिल्डिंग के देखरख करने के लिए नहीं बल्कि रूम दलाली के लिए।

अब इस युग में संतोष चव्हाण जी जैसा ईमानदार व्यक्ति सोसायटी को मिलना मुश्किल है, इस युग में तो सोसाइटी के पद बैठकर सिर्फ और सिर्फ पद का दुरुपयोग किया जाता है, संतोष चव्हाण जी के ईमानदार और निष्ठा कार्य के हमारी मीडिया उन्हें सलाम करती हैं, और उम्मीद करती है कि सभी सोसायटी को संतोष चव्हाण जैसा ईमानदार व्यक्ति बनना चाहिए ना कि बालासाहेब भगत जैस।

आपको बता दें कि जब से संतोष चव्हाण ने सोसायटी के पद को छोड़ा है और उनके जगह पर नए व्यक्ति को मालवणी ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी का सचिव बनाया गया है, और व्यक्ति का नाम फैयाज शेख वह भी रूम दलाली शुरू कर दिया है, और पहले तो भगत की तरह खुलेआम रूम दलाली करते थे पर जब से न्यूज में प्रकाशित किया गया तब से चोरीछिपे कर रहे हैं, पर रूम दलाली कर रहे बंद नहीं किया है।

आपको बता दें कि फैयाज शेख तो भगत से भी दो कदम आगे हैं, वह रूम दलाली भी करते हैं, और लोगों से बोलते हैं कि वह रूम दलाली नहीं करते हैं, अब अगर रूम दलाली नहीं करते तो फिर इतना सारा राशि कहा से आ रहा है, और फैयाज शेख रूम दलाली नहीं करते तो फिर सभी प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय में दिन भर क्यों बैठे रहते है..?

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