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मुम्बई

मालवाणी के सामना नगर में म्हाडा की जमीन पर अवैध कब्जा: बालासाहेब भगत पर गंभीर आरोप, प्रशासन की चुप्पी से सवाल

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मुंबई: मालवाणी के सामना नगर में अवैध कब्जे (Illegal encroachment) और निर्माण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फेडरेशन के अध्यक्ष (Federation President) बालासाहेब भगत (Balasaheb Bhagat) और सचिव अखिल शेख (Aqeel Shaikh) पर आरोप है कि उन्होंने विकास के नाम पर म्हाडा की खुली जमीन पर कब्जा कर अवैध पार्किंग (unauthorized parking) और अवैध निर्माण (illegal construction) शुरू कर दिया। म्हाडा (Mhada) अधिकारी निलेश मडामे (NileshMadam) ने सात महीने पहले नोटिस जारी कर 24 घंटे में गैरकानूनी गतिविधियां बंद करने का आदेश दिया था, लेकिन बालासाहेब भगत ने न तो जमीन खाली की और न ही अवैध निर्माण को हटाया।

  • नोटिस की अनदेखी, बढ़ा अवैध गतिविधियों का दायरा

म्हाडा के नोटिस के बाद भी बालासाहेब भगत ने बिल्डिंग 1डी को ऑटो रिक्शा स्टैंड (Auto Rickshaw Stand) में बदल दिया और अडानी इलेक्ट्रिसिटी (Adani Electricity) के मुख्य द्वार पर पीली पट्टी लगाकर अवैध पार्किंग शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, यह सब म्हाडा अधिकारियों रोहित शिंदे (Rohit Shinde) और मकाने (Makne) की जानकारी में हो रहा है, लेकिन अब तक न तो फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और न ही अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई हुई।

  • स्थानीय लोगों में आक्रोश, ट्रैफिक और सुरक्षा पर खतरा

सामना नगर के निवासियों का कहना है कि अवैध पार्किंग और ऑटो रिक्शा स्टैंड की वजह से क्षेत्र में ट्रैफिक जाम और असुरक्षा की समस्या बढ़ गई है। म्हाडा की सार्वजनिक जमीन का इस तरह दुरुपयोग न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। निवासियों ने प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

  • म्हाडा नियमों का उल्लंघन, प्रशासन की भूमिका पर सवाल

म्हाडा नियमों के अनुसार, खुली जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण या कब्जा गैरकानूनी है। ऐसे मामलों में तुरंत FIR दर्ज कर निर्माण को ध्वस्त करना अनिवार्य है। हालांकि, सात महीने बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। क्या बालासाहेब भगत को किसी तरह का संरक्षण प्राप्त है? यह सवाल स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • नागरिकों की मांग: तत्काल कार्रवाई और जवाबदेही

स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने म्हाडा और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि अवैध कब्जे और निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले को नहीं सुलझाया गया, तो यह भू-माफियाओं को और बढ़ावा देगा। निवासियों ने मांग की है कि फेडरेशन के अध्यक्ष बालासाहेब भगत और सचिव के खिलाफ FIR दर्ज की जाए, अवैध निर्माण ध्वस्त हो, और म्हाडा की जमीन को मुक्त कराया जाए।

मालवाणी का यह मामला सार्वजनिक संपत्ति के दुरुपयोग और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण है। यदि इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह अन्य क्षेत्रों में भी अवैध कब्जे को बढ़ावा दे सकता है। सामना नगर के निवासियों ने प्रशासन से त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की उम्मीद जताई है, ताकि क्षेत्र में व्यवस्था बहाल हो और म्हाडा की जमीन का दुरुपयोग रोका जा सके।

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