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मुम्बई

20-25 लाख के 2 फ्लैट और 33 लाख की वसूली, कहां गया पैसा?

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मुंबई, 25 जुलाई 2025: मालवणी में एक ऑटो रिक्शा चालक, जो MHADA की लॉटरी में 5.25 लाख रुपये का 1RK फ्लैट पाने के बाद सोसायटी के पद पर 14 साल से काबिज है, अब 20-25 लाख रुपये कीमत के 2 फ्लैट्स का मालिक बन गया है। इसके अलावा, एक सोसाइटी के अध्यक्ष ने फेडरेशन के अध्यक्ष बालासाहेब भगत और सचिव अखिल शेख पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फेडरेशन बनाकर 5 सोसाइटीज से 7 साल में 33 लाख रुपये से ज्यादा वसूले गए, लेकिन इस राशि का खर्च कहां हुआ, इसकी जानकारी फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव नहीं अभी तक नहीं दिया है। स्थानीय रूम मालिकों का आरोप है कि बालासाहेब भगत सोसायटी पद का दुरुपयोग कर रूम दलाली और अवैध गतिविधियों से संपत्ति जुटा रहा है। अब इस बात में कितनी सच्चाई है यह जांच का विषय है। पर सवाल यह भी है कि जांच करेंगे कौन..? क्यों म्हाडा के तरफ से जांच में बालासाहेब भगत को दोषी ठहराया गया था पर म्हाडा के अधिकारी बी एस कटरे ने बालासाहेब भगत को निर्दोष साबित कर दिया।

आरोप और अनियमितताएं: रूम मालिकों का कहना है कि सोसायटी के पद पर बैठे इस व्यक्ति ने फेडरेशन के जरिए अवैध पार्किंग और अन्य स्रोतों से 33 लाख रुपये इकट्ठा किए, लेकिन इस पैसे का हिसाब-किताब नहीं दिया गया। साथ ही, उनकी आय का स्रोत स्पष्ट नहीं है, जिससे काले धन या भ्रष्टाचार का संदेह गहराया है। बिल्डिंग 1D के निवासियों ने बताया कि इस राशि का उपयोग निजी संपत्ति या गैरकानूनी कामों में हो सकता है।

MHADA की निष्क्रियता: हमारे मीडिया ने MHADA उपनिबंधक बी एस कटरे से इसकी लिखित शिकायत की, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इतनी बड़ी राशि और संपत्ति वृद्धि के बावजूद विभाग मौन है, जो सवालों को बढ़ाता है।

ED और आयकर विभाग की भूमिका: चूंकि यह मामला छोटा नहीं है (33 लाख की वसूली और 20-25 लाख के फ्लैट), आयकर विभाग या ED में शिकायत दर्ज की जा सकती है। पैन नंबर के बिना भी नाम, पता, और दस्तावेजों (जैसे प्रॉपर्टी पेपर्स) के साथ शिकायत दर्ज करें। आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल (www.incometax.gov.in) (www.incometax.gov.in) या ED के मुंबई कार्यालय में विस्तृत विवरण दें, जिसमें वसूली और खर्च का ब्योरा शामिल हो।

बिल्डिंग 1D के निवासियों की मांग: रूम मालिकों का कहना है, “एक ऑटो रिक्शा चालक इतनी संपत्ति कैसे बना सकता है? फेडरेशन का 33 लाख कहां खर्च हुए, इसका जवाब चाहिए।” संसद वाणी इस मामले की गहराई से जांच करेगा। यदि आपके पास सबूत हैं, तो हमें बताएं। आप संसद वाणी के साथ हैं, जहां सच की आवाज़ गूंजती है।

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